संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। जी, हां कुछ ऐसे ही आत्मविश्वास के साथ क्षेत्र का एक प्रतिभाशाली युवा लगातार आगे बढ़ रहा है। गांव वनगढ़ निवासी करन कुमार सिंह उर्फ करन चौधरी पुत्र सोवरन सिंह ने अपनी प्रतिभा के बल पर मात्र 30 वर्ष की उम्र में ही असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर अपने गांव का नाम रोशन किया है।
करन का चयन असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी गोरखपुर में हुआ है। करन प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के बीच करन चौधरी के नाम से दिल्ली, राजस्थान , बिहार, उत्तरप्रदेश में खूब प्रसिद्ध हैं। ये लाखों विद्यार्थियों को यू ट्यूब पर पढ़ा रहे हैं। इनके पढ़ाए हुए विधार्थी पुलिस, सब इंस्पेक्टर, लेक्चरर जैसे पदों पर लगातार चयनित हो रहे हैं।
इनका यू ट्यूब प्लेटफार्म मोबीशिक्षा खूब फेमस है। करन ने बताया कि अमर उजाला के सफलता प्लेटफार्म के साथ भी उन्होंने शिक्षण कार्य किया है और भारत के टॉप प्लेटफॉर्म के साथ दिल्ली से बंगलूरू, राजस्थान से असम तक पढ़ा रहे हैं।
वह यूपीएससी आईएएस की परीक्षा में दो बार इंटरव्यू दे चुके हैं और भारतीय सेना की सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। करन आईएएस अधिकारी बनकर अपने दादा स्व . श्री मांगेलाल चौधरी का सपना पूरा करना चाहते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, चाचा-चाची और अपनी पत्नी लेक्चरर स्नेहा राठी को दिया है।