भाजपा की स्थापना 1980 में छह अप्रैल को मुंबई में हुई थी। इसे लेकर एक अधिवेशन का आयोजन किया गया था। उस समय हाथरस अलीगढ़ जिले का हिस्सा हुआ करता था। उस समय कल्याण सिंह के साथ हाथरस अलीगढ़ के कुल 19 नेता इस अधिवेशन में सदस्यता ग्रहण करने गए थे।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का हाथरस से पुराना नाता रहा है। मुख्यमंत्री बनने से पहले कल्याण सिंह का अक्सर हाथरस आगमन होता था। हाथरस में होने वाले हर चुनाव पर उनकी विशेष निगाह रहती थी। जानकार बताते हैं कि 1978 से लेकर मुख्यमंत्री बनने के बीच होने वाले राजनीतिक व व्यक्तिगत कार्यक्रमों में उनका आगमन हाथरस में होता था। वह हाथरस की राजनीति की बारीकियों को भली भांति जानते थे।
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पूर्व मुख्यमंत्री को 5 जनवरी को जयंती के मौके पर याद किया जाएगा। हाथरस से भी उनकी कई यादें जुड़ी हैं। नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष रमेशचंद्र आर्य का कहना है कि 1978 में कल्याण सिंह पहली बार प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बने। इससे पहले से ही वे संगठन के कार्यों के लिए अक्सर उनके घर आकर रुकते थे। यहीं वह पार्टी के लोगों के साथ बैठक करते थे। यहां की राजनीति के बारे में जानकारी करते थे। इस साल उन्होंने रात के समय चार घंटे तक सरकारी अस्पताल का निरीक्षण कर दवा आदि का स्टॉक मिलवाया था। खामियां मिलने पर कार्रवाई भी की थी।
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आर्य बताते हैं कि कल्याण सिंह उनसे उम्र में करीब चार साल बड़े थे, लेकिन वह एक दोस्त की तरह ही व्यवहार करते थे। लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव उनका विशेष ध्यान हाथरस पर रहता था। वह हमेशा यहां प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार के लिए आते थे। उन्हें हाथरस का पान भी खूब भाता था। उनके बेटे सुनीत व विनीत से वह पान मंगवाकर खाते थे। वहबताते हैं कि उस समय राजनीति में पूर्व सांसद बंगाली सिंह काफी अहम थे।
स्थापना पर कल्याण के साथ मुंबई गए थे हाथरस के कई नेता
रमेशचंद्र आर्य बताते हैं कि भाजपा की स्थापना 1980 में छह अप्रैल को मुंबई में हुई थी। इसे लेकर एक अधिवेशन का आयोजन किया गया था। उस समय हाथरस अलीगढ़ जिले का हिस्सा हुआ करता था। उस समय कल्याण सिंह के साथ हाथरस अलीगढ़ के कुल 19 नेता इस अधिवेशन में सदस्यता ग्रहण करने गए थे। कल्याण सिंह ने उन्हें साथ लेकर गए थे। तब से ही भाजपा का कारवां बढ़ता गया। आज 43 साल बीतने के बाद भाजपा शीर्ष पर है।