कल्याण सिंह नगर के नाम से प्रदेश सरकार अतरौली को जिला घोषित करती है तो क्षेत्र में विकास का नया अध्याय लिखेगा। सीमांकन से नई चुनौतियां भी सामने आएंगी। राजनीति के भी नए समीकरण बनेंगे। नए जिले को लेकर लोग फायदे-नुकसान पर भी चर्चा कर रहे हैं।
व्यापारी सुरेंद्र वार्ष्णेय, बच्चन बाबू गुप्ता कहते हैं कि यदि अतरौली जिला बनता है तो प्रशासनिक सुविधा मिलेगी। लोगाें को तहसील, कलेक्ट्रेट, कोर्ट अब घर के पास मिलेंगे। राजस्व, पुलिस और सरकारी योजनाओं के काम के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। जिला मिलने से सड़कें, बिजली, स्कूल-हॉस्पिटल पर ज्यादा फंड आए। कल्याण सिंह की जन्मभूमि मढ़ौली-गंगीरी नई तहसीलें बन सकती हैं। कृषि-व्यापार, कपड़ा, अनाज को प्रगति मिलेगी। खासकर गंगा से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत मिलेगी। अमित राघव, सुमित राघव कहते हैं कि कल्याण सिंह (दो बार सीएम, एक बार राज्यपाल, 10 बार अतरौली विधायक और दो बार सांसद ) के नाम पर जिला बनना सर्व समाज को मजबूती मिलेगी। बीजेपी के लिए चुनाव में वोटों का नया समीकरण बनेगा।
सीमांकन से नई मुश्किलें
विपक्ष और कुछ स्थानीय इसे 'राजनीतिक स्टंट' बता रहे हैं। मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। तेजवीर सिंह, पप्पू चौधरी कहते हैं कि एक तरफ उत्साह है तो चिंताएं भी हैं। अलीगढ़-बुलंदशहर से तहसीलें काटने से पुराने जिलों का क्षेत्रफल घटेगा, जिससे उनका बजट-स्टाफ प्रभावित होगा। नया जिला बनाने में 6-12 महीने लगेंगे तब तक कामकाज ठप हो सकता है। नए जिले के लिए अलग ऑफिस, कोर्ट, पुलिस स्टेशन आदि की स्थापना पर शुरुआती खर्च आएगा। अलीगढ़ के 221 साल में दूसरा जिला (पहला हाथरस 1997) निकलने के बाद अतरौली की वह ऐतिहासिक तारीख की घोषणा होने का इंतजार है। मनोज कुमार, राजवीर गुप्ता कहते हैं कि सही ढंग से लागू हुआ तो कल्याण सिंह नगर लाखों की जिंदगी बदल सकता है।
यह बोले लोग
अतरौली को सरकार को नया जिला घोषित करना चाहिए। पूरे देश में बाबूजी का नाम अमर है, उनके नाम से जिला बने तो नया इतिहास बनेगा।
- हरवीर सोलंकी, अध्यक्ष जाट महासभा
बाबूजी के नाम पर राजनीति न हो, लोग सालाें से जिला बनते देखना चाहते हैं। सरकार तत्काल जिला घोषित करे। यही बाबूजी के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
- ब्रजेश पंडित समाज सेवी, ककेथल
हमें उस पल का इंतजार है, जब सरकार जिला घोषित करेगी और अतरौली का नया अध्याय शुरू होगा। अतरौली सौहार्दपूर्ण नगरी है। जिला बनेगा तो रेलवे स्टेशन आदि भी विकसित होंगे।
- सरिता गुप्ता, अतरौली