कस्बे में इंटरलॉकिंग और सीसी रोड निर्माण में गोलमाल की बू आ रही है। पिछले दिनों डीडीओ के निरीक्षण में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। डीडीओ के निर्देश पर बीडीओ ने आरईएस विभाग के जेई और सहायक लेखाकार को नोटिस देकर जवाब तबल किया है।
डीडीओ के निरीक्षण में सामने आया है कि इंटरलॉकिंग टाइल्स की खरीद बिना गुणवत्ता की जांच किए ही कर ली गई। उसकी एवज में लाखों रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। नियमानुसार इस योजना में 100 दिन से ज्यादा की मजदूरी किसी को नहीं दी जा सकती, लेकिन ब्लॉक में 100 दिन से भी ज्यादा की मजदूरी का भुगतान करने का मामला सामने आया है।
बीडीओ मोहम्मद जाकिर ने बताया कि इंटरलॉकिंग टाइल्स में 1.17 लाख एवं मनरेगा योजनांतर्गत 100 दिन से अधिक काम का 86 हजार रुपये का भुगतान जेई आरईएस एवं मनरेगा लिपिक एवं अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत कर दिया गया है। इस भुगतान के बावत जेई आरईएस एवं मनरेगा लिपिक को दो महीने पहले ही नोटिस देकर जवाब मांगा गया था।
दो माह बीत जाने के बाद भी जवाब नहीं मिला है। अब डीडीओ के आदेश पर जेई और सहायक लेखाकर को पुन: नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। बीडीओ का कहना है कि दोनों का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।