ग्राम मन्स्या कला मे वर्षा से कच्चे मकान की गिरी छत।
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दो दिन से लगातार हो रही बारिश और बूंदाबांदी की वजह से गांव मंस्या में एक मजदूर का कच्चा आशियाना ढह गया। कई कच्चे मकान भी गिरासू अवस्था में पहुंच गए हैं। इन मकानों के गिरने का भी ग्रामीणों में भय बना हुआ है। उधर, सादाबाद के गांव नौपुरा में भी बारिश से एक किसान का मकान ढह गया।
गांव नौपुरा निवासी लाखन सिंह पुत्र तालेबर सिंह का मकान गुरुवार रात 11 बजे से बारिश के साथ अचानक गिरी बिजली से गिर गया। मकान का आगे का हिस्सा, बरामदा और एक कमरा पूरी तरह से ढह गए। एक बाइक और कुछ घरेलू सामान भी मकान के मलबे के नीचे दब गया।
गुरुवार की रात करीब 11 बजे बारिश की वजह से गांव मंस्याकलां निवासी हैदरअली पुत्र खिच्चो के कच्चे मकान की छत ढह गई। इससे उसके एक बच्चे के चोट भी आई। मकान की छत गिरने के बाद पूरा मकान गिरासू अवस्था में पहुंच गया है।
काफी घरेलू सामान भी छत के मलबे के नीचे दब गया। इससे हैदर को काफी नुकसान हुआ है। हैदर ने बताया कि वह पिछले कई सालों से पक्के मकान के लिए कई सरकारी योजनाआें के तहत आवेदन कर चुका है, लेकिन आज तक उसे पक्का घर नहीं मिला।
पक्के मकान के लिए अफसरों के चक्कर भी काटे, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ भी न मिला। हैदर के पिता खिच्चो ने बताया कि उनका पूरा मकान गिरासू अवस्था में है। वह इसी गिरासू मकान में रहने को मजबूर हैं। उनके साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
इधर गांव में रामवीर सिंह पुत्र फूल सिंह, पूरन सिंह पुत्र घनश्याम, विनोद आदि के कच्चे मकान भी बारिश की वजह से गिरासू अवस्था में पहुंच गए हैं। उनके साथ भी दुबारा तेज बारिश होने पर कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इन लोगाें का कहना है कि कई सरकारी योजनाओं के माध्यम से पक्के मकान मिल रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी की वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है।