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किसके सिर बंधेगा ताज, फैसला होगा आज

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जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव 29 जुलाई सोमवार को यानि आज होगा। रिजल्ट भी आज ही घोषित कर दिया जाएगा। चुनाव के लिए जहां जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है, वहीं दोनों दावेदारों विनोद उपाध्याय व ओमवती यादव के खेमे काफी सक्रिय हैं। सूत्रों की मानें तो करीब दर्जन भर सदस्य एक खेमे ने काफी दूर भेज रखे हैं। माना जा रहा है कि सोमवार को वह मतदान के दिन ही सामने आएंगे। यह चुनाव जिले की राजनीति में भी खासी हलचल पैदा करेगा। भाजपा आलाकमान भी इस पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
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उल्लेखनीय है कि इस बार का जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल यहां काफी उलटफेर वाला रहा है। सबसे पहले विनोद उपाध्याय अध्यक्ष चुने गए लेकिन उसके बाद सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव को बहुमत मिल गया और वह जिला पंचायत अध्यक्ष बन गई। पिछले माह ओमवती यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया और उनसे कुर्सी छिन गई। ऐसे में नया चुनावी कार्यक्रम आया। इसके तहत सोमवार को यानि आज जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव होगा। जिले में 25 जिला पंचायत सदस्य हैं। ओमवती यादव के खिलाफ 16 सदस्यों ने मतदान किया था और उनकी कुर्सी चली गई थी। हालांकि मुकाबला दोनों पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षों विनोद उपाध्याय व ओमवती यादव के बीच ही हो रहा है। दोनों ही खेमे अपने पास बहुमत होने का दावा कर रहे हैं। वैसे पिछले माह ओमवती यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करा रामवीर उपाध्याय खेमे ने यह साबित कर दिया कि ओमवती यादव पर अब बहुमत नहीं है। ऐसे में इस खेमे की रणनीति का दूसरा पार्ट विनोद उपाध्याय को फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाना है। इसके लिए यह खेमा पूरे रणनीति से लंबे समय से जुटा हुआ है। करीब दर्जन भर सदस्य कई दिन से बाहर हैं। वहीं ओमवती यादव भी यह दावा कर चुकी हैं कि बहुमत उनके साथ है। आज यह स्पष्ट होगा कि किसके सिर जिला पंचायत अध्यक्ष का ताज फिर सजेगा।
भाजपा आलाकमान भी बनाए हुए है पूरी नजर
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सत्ताधारी भाजपा हालांकि प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हैं। लेकिन आलाकमान पूरी गतिविधि पर स्थानीय नेताओं से फीडबैक ले रहा है। जब विनोद उपाध्याय ने नामांकन किया था तो वह भाजपा के दुपट्टे को पहनकर ही नामांकन करने के लिए गए थे। यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत में भाजपा समर्थित चार सदस्य हैं। ऐसे में 25 सदस्यों में से यह चार सदस्य जिस खेमे में चले गए हैं, वही खेमा विजयी होता रहा है।
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कब क्या हुआ जिला पंचायत में
-7 जनवरी 2016 को जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए चुनाव हुआ। इसमें विनोद उपाध्याय ने एक वोट से ओमवती यादव को हराया।
-14 जून 2017 को तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हुआ। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 13 वोट पड़े और उन्हें कुर्सी छोड़ने पड़ी।
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-22 अगस्त 2017 को रामेश्वर उपाध्याय को एक वोट से हराकर ओमवती यादव हाथरस जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुई।
-22 जून 2019 को 25 में से 16 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया और ओमवती यादव जिला पंचायत अध्यक्ष पद से हटी।
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