कोतवाली मुरसान क्षेत्र के गांव महामौनी में झांसी की एसओजी टीम ने बुधवार को दबिश दी। पुलिस ने यह दबिश झांसी में अपहरण के एक बड़े मामले में वांछित विनोद जाट की तलाश में दी। विनोद जाट काफी समय से फरार चल रहा है। विनोद के परिजनों का आरोप है कि पुलिस टीम ने दबिश के दौरान घर में तोड़फोड़ की और सामान अस्त-व्यस्त कर दिया। महिलाओं से बदसलूकी करने के भी आरोप लगाए गए हैं।
गांव महामौनी निवासी विनोद जाट ने झांसी में एक कारोबारी का अपने कुछ अन्य साथियों के साथ करीब तीन माह पूर्व अपहरण किया था। इनको मुक्त कराने के लिए एसटीएफ की टीम लगाई गई थी। टीम ने आरोपियों की घेराबंदी की। इसके बाद एसटीएफ की टीम एवं झांसी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई के बाद कारोबारी को तो अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त करा लिया था। विनोद जाट लगातार फरार चल रहा था। इस मामले में झांसी पुलिस ने कई बार गांव महामौनी में आकर दबिशें भी दीं, लेकिन विनोद अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।
इस मामले में लंबे समय से वांछित चल रहे विनोद जाट की गिरफ्तारी के लिए झांसी की एसओजी टीम बुधवार को कोतवाली मुरसान पहुंची। यहां से पुलिस ने कोतवाली मुरसान पुलिस को अपने साथ लिया और गांव महामौनी में पहुंचकर दबिश दी। इस बार भी पुलिस को यहां विनोद नहीं मिला। पुलिस ने परिजनों से भी विनोद के बारे में पूछताछ की। इस दौरान परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनके घर पर कहर बरपाया। उनके घर के सामान को उठाकर फेंक दिया गया। तोड़फोड़ की गई। परिजनों ने वहां जमकर हंगामा किया। मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई।
आरोप है कि पुलिस ने घर के कुछ सामान में भी आग लगा दी। परिजनों ने यह सामान मौके पर जमा भीड़ को भी दिखाया। कोतवाली मुरसान के एसएसआई हरीशंकर वर्मा का कहना है कि पुलिस वांछित आरोपी को पकड़ने गांव में गई थी। पुलिस टीम ने वहां किसी तरह की तोड़फोड़ या अभद्रता नहीं की है। आरोपी के परिवार वालों ने पुलिस टीम के आने के बाद सामान आदि बिखेरकर पुलिस पर दवाब बनाने के लिए झूठे आरोप लगाए हैं।