जेसीबी की खोदाई देखने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे और ग्रामीण पहुंचे थे। आरोप है कि काम पूरा होने पर चालक ने लापरवाही से तेज रफ्तार में जेसीबी पीछे करते हुए उसका पंजा घुमा दिया। पास में ही खड़ी 11 साल की नैना पंजे की चपेट में आ गई।
हाथरस शहर के जोगीपुरा आदर्शनगर में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। नगर पालिका की जेसीबी के चालक की लापरवाही के कारण 11 वर्षीय मासूम बच्ची नैना के पेट में जेसीबी के आगे का लोहे का पंजा (आर्म) घुस गया। पेट फटने से बच्ची की मौके पर ही तड़पकर मौत हो गई। मौजूद भीड़ ने जेसीबी चालक को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया।
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मृतका के दादा विष्णु ने बताया कि रविवार शाम करीब 5 बजे उनके बेटे बबलू की गाय की मौत हो गई। उस समय बबलू अपनी बीमार पत्नी का इलाज कराने अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज गया हुआ था। घर पर मौजूद परिजनों ने स्थानीय सभासद के माध्यम से नगर पालिका को सूचना देकर गाय को दफनाने के लिए जेसीबी मंगवाई थी। सूचना पर नगर पालिका से चालक और परिचालक जेसीबी लेकर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि घर के पास ही खाली जगह में जेसीबी से गड्ढा खोदकर गाय को दफनाया गया। जेसीबी की खोदाई देखने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे और ग्रामीण पहुंचे थे। आरोप है कि काम पूरा होने पर चालक ने लापरवाही से तेज रफ्तार में जेसीबी पीछे करते हुए उसका पंजा घुमा दिया। पास में ही खड़ी 11 साल की नैना पंजे की चपेट में आ गई। पंजा पेट में गहरा घुस जाने से आंतें बाहर आ गईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
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परिजनों का आरोप है कि जेसीबी चालक और उसका साथी नशे में धुत थे। उन्होंने गाड़ी मोड़ने के दौरान पास में खड़े बच्चों का भी ध्यान नहीं रखा। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया। हादसे की जानकारी मिलते ही बच्ची के पिता बबलू अलीगढ़ से हाथरस पहुंचे। मासूम बेटी का शव देख वह फूट-फूटकर रोने लगे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भिजवाया।
चालक की लापरवाही के चलते हादसा हुआ है। इस मामले में परिजनों से जो भी तहरीर प्राप्त होती है, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों में तनाव देखते हुए एहतियातन क्षेत्र में फोर्स तैनात कर दी है।-हिमांश माथुर, सीओ