स्मार्ट सिटी के तहत 19 करोड़ रुपये की लागत से संवारे गए जवाहर पार्क की देखरेख के अभाव में हालत फिर खराब हो रही है। रविवार सुबह अमर उजाला द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में लोगों ने इस पर नाराजगी जताई। पर्यावरण दिवस के मौके पर ''आओ पार्क संवारें'' अभियान के तहत यह संवाद हुआ।
पार्क में नियमित टहलने आने वाले लोगों ने बदहाल व्यवस्थाओं पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने विभिन्न समस्याओं को विस्तार से बताया। लोगों ने गंदगी की समस्या को प्रमुखता से उठाया। बैठने के पर्याप्त इंतजाम न होने की शिकायत भी रखी गई। पौधों को नियमित रूप से पानी नहीं दिया जाता है। हाल ही में बने वॉकिंग ट्रैक में भी गड्ढे हो गए हैं। पार्क का शौचालय भी अक्सर गंदा रहता है।
प्रमुख शिकायतें और जन आक्रोश
संवाद में लोगों ने कहा कि कुछ लोग स्वयं भी सफाई में सहयोग नहीं करते हैं। ऐसे में गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई की कार्ययोजना बननी चाहिए। लोगों ने बताया कि 19 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद पार्क फिर पुरानी स्थिति में लौट रहा है। दोपहर में आने वाले लोग गंदगी करते हैं, जिससे सुबह टहलने वालों को परेशानी होती है। म्यूजिक सिस्टम भी अब बंद है।
सुधार के सुझाव और अपेक्षाएं :
लोगों ने बताया कि माली ठीक से काम नहीं करते हैं। वे कई अधिकारियों के यहां लगे रहते हैं। पार्क में कुत्ते भी घूमते रहते हैं। ओपन जिम और अन्य मशीनों की हालत भी खस्ता हो रही है। लोगों ने जन सहयोग से बेंच लगवाने की इच्छा जताई, साथ ही दिल्ली की तर्ज पर सुबह नौ बजे तक निशुल्क प्रवेश और पार्क के लिए एक सहयोग समिति बनाने पर भी जोर दिया।
इस मौके पर धीरेंद्र गुप्ता, विवेक बगई, मानव महाजन, राजीव कृष्ण गुप्ता, लक्ष्मी अग्रवाल, रीता वार्ष्णेय, मनीषा बंसल, सुरेश बड़ेरा, धर्मवीर सिंह पूर्व पार्षद, वैभव गौतम, राजीव माहेश्वरी, हरिकिशन, प्रदीप सिंघल, रोहताश सिंह, आरके शर्मा, सौन्य कपिल शर्मा, मुकेश शर्मा पूर्व पार्षद, देवराज सिंह आदि मौजूद रहे।