फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौत के खुलासे में पुलिस की कहानी से गुस्से में जाट समाज

Sun, 13 Aug 2017 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस। 
विज्ञापन
जाट - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
चंदपा क्षेत्र के गांव नगला लच्छी के राहुल (23 वर्ष) की हत्या से पर्दा हटाने वाली पुलिस पर शनिवार को गांव में हुई पंचायत में सवाल उठाए गए। पुलिस ने दो दिन पहले ही प्रेस कांफ्रेंस करते हुए राहुल की हत्या के पीछे अवैध संबंधों को कारण बताया था।
विज्ञापन


पुलिस ने आठ में से चार आरोपियों को कलेक्ट्रेट से खुद दबोचने का दावा करते हुए कोर्ट में पेश किया था, लेकिन शनिवार को राहुल के परिजनों ने जाट महापंचायत कर पुलिस के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया। परिजनों ने कहा कि राहुल की हत्या अवैध संबंधों में नहीं, बल्कि हत्या के आरोपी अशोक से लेन-देन के विवाद में हुई थी। हत्या में शामिल चार आरोपियों को पुलिस ने नहीं, बल्कि परिजनों ने ही ग्रामीणों की मदद से पकड़ा था और पुलिस को सौंपा था, लेकिन पुलिस राहुल के अवैध संबंधों की झूठी कहानी रचकर उनके शरीफ परिवार को बदनाम कर रही है और केस को साजिशन कमजोर कर रही है।

नगला लच्छी में बंबी बगीची में मौजूद करीब डेढ़ हजार लोगों की महापंचायत परिजनों ने जाट समाज के लोगों के सामने पुलिस अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि राहुल के अपहरण के बाद चंदपा पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने से ही मना कर दिया था। इसके बाद मुरसान पुलिस ने भी हाथ खड़े कर दिए थे। इसके बाद परिजन खुद राहुल को फोन कर बुलाने वाले हत्या के आरोपी अशोक और दूसरे आरोपियों तक पहुंचे और किसी तरह उन्हें दबोच लिया।
विज्ञापन


आरोपियों ने पूछताछ में परिजनों को राहुल की हत्या की बात बताई। इस पर जब परिजनों को भरोसा नहीं हुआ तो वह आरोपियों को लेकर गोंडा पहुंचे और वहां नहर किनारे राहुल के शव को पड़ा देखने के बाद उन्होंने मुरसान पुलिस को इस बारे में जानकारी दी और चारों आरोपियों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। राहुल के  अपहरण और हत्या का मामला सुलझ चुका था। आठ में से चार हत्या के आरोपी भी पकड़ में आ चुके थे। मुरसान पुलिस ने अपना गुड वर्क दिखाने को अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया और इसी दिन शव को गोंडा से बरामद भी कर लिया। अगले ही दिन इसका खुलासा कर दिया गया और चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।  
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें