हाथरस। जाट आरक्षण को लेकर चल रहे हाथरस में भी सरगर्मी पूरे उफान पर पहुंच गई है। जिले में जाट समाज के संगठनों ने आंदोलन के लिए कमर कस ली है। अगले दो दिन तक जिले की फिजां जाटों के आंदोलन से गर्माएगी। राष्ट्रीय लोकदल के अलावा जाट समाज के संगठनों ने धरना-प्रदर्शन के कार्यक्रम तय किए हैं, जिन्हें लेकर जिला प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। जाटों के धरना-प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त करने के आदेश दिए गए हैं। चूंकि हाथरस में रेलवे ट्रैक शहर के बीचों-बीच से और कलेक्ट्रेट के सामने से भी होकर निकलता है, इसलिए जिला और रेलवे प्रशासन को आशंका है कि कहीं यहां भी जाट समाज के लोग रेलवे ट्रैक जाम और ट्रेन रोकने जैसे कदम नहीं उठा लें। लिहाजा रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के लिए आरपीएफ और जीआरपी को भी अलर्ट जारी किया गया है। बताते हैं कि डीएम-एसपी ने शासन के निर्देश पर इस सिलसिले में प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों के साथ गोपनीय बैठक भी की है और सुरक्षा इंतजामों का खाका भी तैयार किया है। पुलिस फोर्स को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन की चिंता इसलिए भी है, क्योंकि हाथरस पश्चिमी यूपी का जाट बहुल जिला है। राष्ट्रीय लोकदल के नेतृत्व में सोमवार को कलेक्ट्रेट पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन होगा। जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठेनुआं और रालोद पदाधिकारियों द्वारा राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
23 को दयालपुर में होगा धरना-प्रदर्शन हाथरस। जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर रविवार को मुरसान चेयरमैन के आवास पर हुई जाट महासभा की बैठक में निर्णय लिया गया कि हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार के व्यवहार के विरोध में 23 फरवरी को प्रात: 10 बजे से मुरसान के गांव दयालपुर में पूर्व प्रधान मोहन सिंह के बाडे़ पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में हरियाणा प्रदेश में जाटों पर हो रहे दमनकारी व्यवहार के विरोध में रोष व्यक्त किया गया। इस मौके पर चेयरमैन चौधरी देशराज सिंह, अतर सिंह दरोगा, विजेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, हरेंद्र सिंह, राजवीर सिंह, किशनपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, ज्वाला सिंह, कृपाल सिंह, गिर्राज सिंह, जितेंद्र सिंह, नहने सिंह, प्रेमवीर सिंह, संजीव सिंह, वीरपाल सिंह, अमर सिंह मौजूद थे। संचालन जिलाध्यक्ष चौधरी धर्मवीर सिंह ने किया।
बातचीत--- ओबीसी कोटे के तहत जाटों को आरक्षण दिया जाना चाहिए, जिससे बिरादरी की तरक्की हो सके। समाज के बच्चों को रोजगार मिल सके। -सुरेंद्र परिहार, जाट नेता- जाट अपना हक मांग रहे हैं। ओबीसी कोटे में आरक्षण की मांग बाजिब है। केंद्र सरकार को समाज को आरक्षण दिया जाना चाहिए। -प्रमेंद्र गावर, जाट नेता -हम भी जाट आरक्षण के पक्ष में हैं। केंद्र सरकार को जल्द कानून बनाकर इसे लागू करना चाहिए, वरना यूपी में भी आंदोलन होगा।-रामरतन, प्रधान
आरक्षण बचाओ महाआंदोलन का प्रदर्शन आजहाथरस। जाट आरक्षण बचाओ महाआंदोलन के राष्ट्रीय महासचिव रवेंद्र सिंह ठेनुआं का कहना है कि हरियाणा समेत नौ राज्यों में आरक्षण की बहाली के लिए 22 फरवरी को दोपहर 12 बजे डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। आंदोलन को सफल बनाने के लिए पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप गुड्डू, प्रधान महीपाल सिंह, भिक्की सिंह पूर्व प्रधान आदि जाट नेताओं ने कई गांवों का दौरा किया और समाज के लोगों से धरना-प्रदर्शन में सहभागिता की अपील की।