सावन के दूसरे सोमवार पर हाथरस में भक्तों ने शिवलिंग का दूध से भी अभिषेक किया। बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल, फूल, चंदन आदि के साथ पूजा की। शहर के चौबे वाले महादेव, गड्ढे वाले महादेव आदि प्रमुख मंदिरों पर मेले का भी आयोजन किया गया।
हाथरस में सावन के दूसरे सोमवार को शहर से लेकर देहात तक मंदिरों में जलभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। सुबह तड़के से ही भक्त मंदिरों में पहुंचना शुरू हो गए। कई मंदिरों में भगवान के शृंगार किए गए। कुछ मंदिरों पर मेले का भी आयोजन हुआ।
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21 जुलाई को शिव भक्त भोलेनाथ की भक्ति में डूबे नजर आए। भोर से ही शिवालयों में पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ हो गया। घंटों की आवाज व जयकारों से मंदिर गूंज रहे थे। मंदिरों में पूजा का सिलसिला शाम तक चलता रहा। गंगा घाटों से लाए गए गंगाजल से भगवान का जलाभिषेक किया गया। इसके साथ भक्तों ने शिवलिंग का दूध से भी अभिषेक किया।
बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल, फूल, चंदन आदि के साथ पूजा की। शहर के चौबे वाले महादेव, गड्ढे वाले महादेव आदि प्रमुख मंदिरों पर मेले का भी आयोजन किया गया। शाम को मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का भव्य शृंगार किया गया। इसके साथ रेलवे लाइन वाले गोपेश्वर महादेव, बाबूलनाथ महादेव, कैलाश महादेव, चिंता हरण महादेव, कामेश्वर महादेव आदि मंदिरों में प्रसाद वितरित किया गय।।