बीएसए रेखा सुमन ने शुक्रवार को जिले के तीन विद्यालयों का निरीक्षण किया। तीनों विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता खराब मिली। एक स्कूल में शिक्षकों की संख्या मानक से अधिक मिली, जिससे यहां से आने वाले समय में शिक्षकों को हटाने का निर्णय लिया है। एक शिक्षिका एक साल से अनुपस्थित मिली।
उसको बर्खास्तगी का नोटिस जारी किया गया है। एक अनुपस्थित शिक्षिका का एक दिन का वेतन काटा गया। एक प्रधानाध्यापिका की लापरवाही पर उनकी एक स्थायी वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिए।
बीएसए ने उच्च प्राथमिक विद्यालय सोखना का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि विद्यालय में आठ शिक्षक और दो अनुदेशक तैनात हैं। इसके बावजूद विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता खराब थी। सफाई की स्थिति भी चिंताजनक थी। विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका डौली चौधरी 9.40 बजे विद्यालय में उपस्थित हुईं।
उन्हें अनुपस्थित मानते हुए एक दिन का वेतन काटा गया। विद्यालय में मानक से अधिक शिक्षकों की तैनाती होने के कारण भविष्य में इस विद्यालय से शिक्षकों को हटाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय सीर का निरीक्षण किया। इस दौरान सहायक अध्यापिका दीपिका गुप्ता एक अक्तूबर 2015 से अनुपस्थित थीं।
वह पहले से निलंबित चल रही हैं। बीएसए ने इसकी बर्खास्तगी की कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। विद्यालय में सफाई एवं शौचालय की स्थिति में सुधार के प्रधानाध्यापक को निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय नगला अलगर्जी के निरीक्षण में सफाई और शौचालय की स्थिति खराब मिली।
मरम्मत का पैसा भेजे जाने के बावजूद फर्स टूटा हुआ मिला। विद्यालय में 182 पंजीकरण के मुकाबले मात्र 30 विद्यार्थी उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापिका नेहा सक्सेना स्कूल में घरेलू सामान की खरीद कर रही थीं। इसे लापरवाही मानते हुए उनकी एक स्थायी वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।