हसायन विकासखंड के संविलियन विद्यालय गिरधरपुर में अनुपस्थित शिक्षामित्र की बैकडेट में हाजिरी और फर्जी हस्ताक्षर कराने के साथ सरकारी ग्रांट के इस्तेमाल में अनियमितता सामने आई है। जांच के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गिर्राज सिंह ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक जितेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। उन्हें निलंबन अवधि में बीआरसी सिकंदराराऊ से संबद्ध किया गया है।
मामला 11 अगस्त को अनंत फाउंडेशन के सचिव और ग्रामीणों की शिकायत के बाद सामने आया। बीईओ नगर क्षेत्र की 13 अगस्त को हुई औचक जांच में विद्यालय में तैनात तीन शिक्षामित्रों में से विनोद कुमार बिना सूचना अनुपस्थित मिले। जांच में सामने आया कि जून में भी वह 16 से 30 जून तक लगातार अनुपस्थित रहे, लेकिन उपस्थिति पंजिका में बैकडेट में उनकी उपस्थिति दर्ज की गई। आरोप है कि इसके आधार पर उन्हें मानदेय का भुगतान भी कराया गया।
ग्रांट के इस्तेमाल पर भी उठे सवाल
जांच में विद्यालय की साफ-सफाई और कक्षाओं की व्यवस्था भी खराब मिली। बाल पेंटिंग और टीएलएम के लिए मिली राशि का अपेक्षित उपयोग नहीं पाया गया। कंपोजिट ग्रांट के खर्च में भी वित्तीय अनियमितता सामने आई। विद्यालय में 228 बच्चे पंजीकृत हैं, जबकि निरीक्षण के दौरान 168 ही उपस्थित मिले। बच्चों के शैक्षिक स्तर की जांच में भी स्थिति असंतोषजनक मिली।
शिक्षामित्र भी दूसरे विद्यालय से संबद्ध
फर्जी हाजिरी के मामले में शिक्षामित्र विनोद कुमार को भी संविलियन विद्यालय गिरधरपुर से हटाकर प्राथमिक विद्यालय महौ नंबर-1 से संबद्ध कर दिया गया है। उनकी उपस्थिति की रिपोर्ट हर महीने बीईओ के माध्यम से बीएसए कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।