मेला संपन्न होने के बाद यह विशाल पंडाल और मंच उपेक्षित हो जाता था, जिसके चलते परिसर में बेसहारा पशुओं की आवाजाही बढ़ जाती थी। इससे मंच की संरचना को नुकसान पहुंचता था और गंदगी फैलती थी। इसी समस्या के स्थाई समाधान और परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।
हाथरस के ऐतिहासिक लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज के मुख्य आकर्षण का केंद्र रहने वाले काका हाथरसी मंच की सुरक्षा और स्वरूप को अब नया रूप दिया जा रहा है। राजा दयाराम के ऐतिहासिक किला परिसर स्थित मेला पंडाल के मंच और उसके सामने के खुले क्षेत्र को लोहे के मजबूत व स्थाई जाल से पूरी तरह कवर करने का काम तेजी से चल रहा है।
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हर वर्ष मेला संपन्न होने के बाद यह विशाल पंडाल और मंच उपेक्षित हो जाता था, जिसके चलते परिसर में बेसहारा पशुओं की आवाजाही बढ़ जाती थी। इससे मंच की संरचना को नुकसान पहुंचता था और गंदगी फैलती थी। इसी समस्या के स्थाई समाधान और परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। लोहे की फेंसिंग होने के बाद पशुओं का प्रवेश पूरी तरह बंद हो जाएगा।
जिला प्रशासन अब इस पंडाल और मंच का उपयोग सालभर अन्य छोटे-बड़े प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के लिए कर सकेगा। इससे न केवल शहर को कार्यक्रमों के लिए एक सुरक्षित और सुसज्जित खुला स्थल मिलेगा, बल्कि मंच और किला परिसर का रखरखाव भी नियमित रूप से सुनिश्चित हो सकेगा। अधिशासी अधिकारी रोहित सिंह ने बताया कि मेला राजकीय होने के बाद बहुत से विकास कार्य किये जा रहे हैं, जो भविष्य को देखते हुए किये जा रहे हैं।