चोरी की सूचना पर छानबीन करती फॉरेंसिक टीम। संवाद
- फोटो : Samvad
कोतवाली सदर में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बेंगलूरु से लौटीं मां-बेटी ने चामड़ गेट स्थित बंद पड़े घर से करोड़ों रुपये के जेवरात चोरी किए जाने का दावा किया है। पुलिस मामले पर संदेह में है। प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
चामड़ गेट निवासी मंजू वर्मा ने बताया कि वह वर्ष 2019 से बेंगलूरु में रह रही हैं। बीमारी के चलते उनके पति का उपचार बेंगलुरु में चला था। बेटी की पढ़ाई व पति के उपचार के कारण वे वहीं बस गईं। यहां मकान पर तला लगा था। मंजू वर्मा व उनकी बेटी खुशबू वर्मा ने बताया कि दो साल पहले वे यहां आईं थीं, तब मकान सही था और सभी सामान मौजूद था।
15 दिन पहले उन्हें जानकारी मिली कि मकान में किसी ने कूमल लगा दिया है। इसकी जानकारी पर वे बेंगलूरु से हाथरस आईं और घर की हालत देखने के बाद पुलिस से शिकायत की। मंजू वर्मा ने इसके लिए पड़ोसी रिश्तेदारों को जिम्मेदार ठहराया। परिचित प्रभात कौशल की ओर से चोरी की जानकारी पर बुधवार को पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर छानबीन की।
करोड़ों के जेवर होने का दावा
मौके पर जब पुलिस पहुंची तो घर खंडहर में तब्दील था। छत गिरी हुई थी। घर के पिछले हिस्से की दीवार टूटी मिली, जहां से चोरों के आने का दावा किया जा रहा है। कमरों में कूड़े का ढेर लगा था और दरवाजे टूटे हुए थे। मंजू वर्मा का कहना है कि पिछले कमरे में एक तिजोरी रखी थी, जिसमें पुश्तैनी जेवर थे। इनकी कीमत करोड़ों में है। इसके अलावा लोहे की अलमारी में भी कीमती सामान रखा था। घर की हालत देख पुलिस को महिला की बात पर यकीन नहीं हुआ कि कोई बंद घर में कीमती सामान कैसे छोड़ सकता है? बस इसी बात को लेकर महिला व पुलिस के बीच नोकझोंक भी हो गई।
घर की हालत देखकर मामला संदिग्ध लग रहा है। बंद घर में कीमती सामान छोड़ने की बात गले नहीं उतर रही है, फिर भी लिखित शिकायत पर जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य एकत्रित किए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
-हिमांशु माथुर, सीओ सिटी