बीमा कंपनी को दुर्घटनाग्रस्त हुए वाहन के बीमा दावा की धनराशि दो लाख रुपये वाहन स्वामी को देनी होगी। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने वाहन स्वामी की ओर से दाखिल किए गए वाद पर सुनवाई करते हुए दिया है।
जिले के ग्राम तेहरा निवासी पुष्पेंद्र पाल सिंह ने आयोग के समक्ष परिवाद दाखिल किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने 27 फरवरी 2019 को अलीगढ़ से फाइनेंस कराकर एक मोटर कैब हार्ड टॉप महिंद्रा मारजू सात सीटर खरीदी थी। इस गाड़ी का बीमा टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी संजय पैलेस आगरा से कराया था।
16 जुलाई 2023 को वह और उनका छोटा भाई शाम सात बजे निजी कार्य से अलीगढ़ से हाथरस आ रहे थे। तभी गांव रुहेरी पर एक बच्चे को बचाने के प्रयास में गाड़ी असंतुलित होकर डिवाइडर के पास बने चबूतरे से टकरा गई और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना की सूचना उसी समय विपक्षी के कार्यालय को दी गई।
विपक्षी के सर्वेयर ने 30 जुलाई 2023 को सर्वे किया। सर्विस सेंटर द्वारा 17 अगस्त 2023 को 2,97,685 रुपये का एस्टीमेट बनाकर दिया गया। इसकी विपक्षी से मांग की गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और बीमा दावा खारिज कर दिया। इस मामले में पुष्पेंद्र पाल सिंह ने आयोग के समक्ष परिवाद दाखिल किया। इसकी सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राकेश कुमार (चतुर्थ) व सदस्य कृष्ण प्रभाकर उपाध्याय के समक्ष हुई। आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह आदेश के दो माह की अवधि में दो लाख रुपये परिवादी को देना सुनिश्चित करें।