मेंडू रोड पर नाला निर्माण का नक्शा देखते डीएम।
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हाथरस। एफसीआईसी गोदाम से मेंडू रोड तक कराए जा रहे आरसीसी नाला निर्माण कार्य का डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने निरीक्षण किया। डीएम ने कार्यदायी संस्था से नाले की लंबाई, कुल लागत, प्राप्त धनराशि तथा अन्य संबंधित कार्यों के बारे में जानकारी ली। मौके पर उपस्थित स्थानिक अभियंता विशेष कुमार द्वारा अवगत कराया गया कि आरसीसी नाला निर्माण कार्य के लिए 14 वें वित्त आयोग से वर्ष 2017 में कार्य का प्रस्ताव प्राप्त हुआ था। 18 अक्तूबर को 1,44,83,105 रुपये लगभग 50 प्रतिशत की धनराशि प्राप्त हो गई थी। निर्मित कराए जाने वाले आरसीसी नाला निर्माण की कुल लंबाई लगभग 1,800 मीटर है, जिसमें नाले की गहराई 2.25 मीटर एवं चौड़ाई दो मीटर है। नाला निर्माण की कुल लागत 289.66 लाख रुपये है। अब तक लगभग 800-900 मीटर नाला खुदाई का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
डीएम ने पुलिस लाइन के नजदीक खुदाई कार्य का अवलोकन कर उप प्रभागीय वनाधिकारी से जानकारी की गई कि सड़क के मध्य से नाला निर्माण के लिए कितनी दूरी होनी चाहिए। तब उप प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि सड़क के मध्य से नाला निर्माण के लिए दूरी संभवत: 22.8 मीटर होनी चाहिए। एक्सईएन लोनिवि द्वारा इस संबंध में सही जानकारी नहीं देने पर उन्होंने उप प्रभागीय वनाधिकारी/अधिशासी अभियंता, लोनिवि को सही जानकारी प्राप्त कर उपलब्ध कराने को कहा। स्थानिक अभियंता द्वारा अवगत कराया गया कि निर्माण कार्य में दुर्गेश वाटिका की बाउंड्रीवाल, गोपाल जी हींग फैक्टरी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय की बाउंड्रीवॉल एवं एक मंदिर की बगीची के कुछ हिस्से अतिक्रमण क्षेत्र में आ रहे हैं, जिनके कारण नाला निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। डीएम ने कहा कि जिनके द्वारा अतिक्रमण किया गया है, उन सभी को नियमानुसार नोटिस आदि देकर अतिक्रमण हटाये जाने की कार्रवाई एक सप्ताह के अंदर पूरी की जाए।
इस क्रम में डीएम ने पुलिस लाइन से आगे अलीगढ़ ड्रेन (गंदा नाला) पर लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे पुलिया निर्माण कार्य का अवलोकन किया, जो कि निर्माणाधीन था। जानकारी करने पर एक्सईएन द्वारा अवगत कराया गया कि धनराशि प्राप्त नहीं होने के कारण कार्य अधूरा है, जैसे ही धनराशि प्राप्त हो जाती है तो एक माह के अंदर काम पूरा करा दिया जाएगा। अंत में एफसीआई गोदाम की ओर जलभराव का निरीक्षण किया गया। जानकारी करने पर स्थानिक अभियंता एवं एक्सईएन लोनिवि द्वारा अवगत कराया गया कि एफसीआई गोदाम पर जो जलभराव है, उस पानी की निकासी रेलवे की पटरी के नीचे से होकर गुजर रही पाइप लाइन के सहारे से निर्मित कराए जा रहे नाले से जोड़ी जाएगी, जिसकी मरम्मत भी आवश्यकतानुसार निर्माण इकाई द्वारा कराई जाएगी।