अक्तूबर 2024 में प्रकरण में 3200 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें 11 आरोपी बनाए गए थे। प्रकरण में 676 गवाह हैं। पिछली कुछ तारीखों से पोस्टमार्टम के लिए पंचनामा भरने वाले पुलिस कर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
हाथरस में सिकंदराराऊ के गांव फुलरई में दो साल पहले हुए सत्संग हादसे के मामले में 21 मई को दरोगा की गवाही नहीं हो सकी। एडीजे एफटीसी कोर्ट प्रथम में दरोगा को उपस्थित होना था, लेकिन वे किसी कारण से नहीं पहुंच सके। प्रकरण में अगली तिथि 28 मई लगाई गई है।
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2 जुलाई 2024 को यह हृदय विदारक घटना हुई थी। भीड़ के दबाव के चलते हुए हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी। अक्तूबर 2024 में प्रकरण में 3200 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें 11 आरोपी बनाए गए थे। प्रकरण में 676 गवाह हैं। पिछली कुछ तारीखों से पोस्टमार्टम के लिए पंचनामा भरने वाले पुलिस कर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पिछले सप्ताह दारोगा महावीर सिंह के बयान हुए थे। उन्होंने दो महिलाओं व दो बच्चों का पंचायतनामा भरा था। 21 मई को भी दारोगा को पंचायतनामा के संबंध में गवाही देनी थी, लेकिन वे समय से हाजिर नहीं हो सके।