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हाथरस सत्संग हादसा: पंचनामा भरने वाले दारोगा के बयान दर्ज, दो साल पहले भगदड़ में हुई थी 121 लोगों की मौत

Thu, 04 Jun 2026 10:26 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

अदालत में बचाव पक्ष की जिरह के दौरान दारोगा लखमी सिंह ने बताया कि भगदड़ में गिरने व नीचे दबने के कारण इनको चोटें आईं, जिससे उनकी मृत्यु हुई।
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हाथरस हादसे से पहले सत्संग का दृश्य - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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दो साल पहले सिकंदराराऊ में भोले बाबा के सत्संग के बाद मची भगदड़ के मामले में 4 जून को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट (एडीजे एफटीसी) प्रथम की अदालत में सुनवाई हुई। गवाही प्रक्रिया के अंतर्गत हादसे के बाद मृतकों का पंचनामा भरने वाले उपनिरीक्षक लखमी सिंह के विस्तृत बयान दर्ज किए गए।

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हाथरस जंक्शन थाने में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक (एसएसआई) लखमी सिंह ने बताया कि हादसे के दिन दो जुलाई 2024 को उनकी तैनाती थाना कोतवाली हाथरस में थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उन्हें ड्यूटी के लिए तुरंत बागला जिला अस्पताल हाथरस भेजा गया था।

वह दो सिपाहियों के साथ मोर्चरी पहुंचे। यहां महिला कांस्टेबल की मदद से शवों पर आई चोटों का गहन निरीक्षण कर पंचनामा की कार्यवाही पूरी की। दारोगा ने बताया कि उन्होंने हादसे में मृत प्रेमा देवी निवासी अलीगढ़, रामादेवी निवासी फिरोजाबाद व रामा देवी निवासी शाहजहांपुर का पंचनामा भरा था। अदालत में बचाव पक्ष की जिरह के दौरान दारोगा लखमी सिंह ने बताया कि भगदड़ में गिरने व नीचे दबने के कारण इनको चोटें आईं, जिससे उनकी मृत्यु हुई। प्रकरण में अगली तारीख 11 जून लगाई गई है।

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