पूछताछ में आरोपी युवक टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने स्वीकार किया कि उसका असली नाम विशाल (पुत्र नरेश) है, जो कि गढ़ी छीपी, थाना मटसैना, फिरोजाबाद का रहने वाला है। वह असली परीक्षार्थी सत्येंद्र कुमार के कहने पर उसकी जगह परीक्षा देने बैठ गया था।
टीजीटी परीक्षा के दौरान 3 जून को हाथरस के आगरा रोड स्थित सरस्वती इंटर कॉलेज से पकड़े गए मुन्नाभाई के खिलाफ कोतवाली सदर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। स्कूल के प्रधानाचार्य ने दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पर यह कार्रवाई की है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा। आरोपी युवक बायोमीट्रिक मिसमैच होने के कारण सुरक्षा अधिकारियों और मजिस्ट्रेट के हत्थे चढ़ा था।
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घटना 3 जून को द्वितीय पाली की परीक्षा के दौरान की है। परीक्षा केंद्र पर जब बायोमीट्रिक एजेंसी के प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार ने परीक्षार्थी सत्येंद्र कुमार निवासी गढ़ी छीपी, जलालपुर फिरोजाबाद की ई-केवाईसी जांच की, तो उसका डेटा मिसमैच हो गया। बार-बार मिसमैच की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई। परीक्षा समाप्त होते ही स्ट्रेटिक मजिस्ट्रेट चंद्रपाल सिंह (एई, जल निगम), केंद्र प्रभारी प्रांजल बंसल और कॉलेज के प्रधानाचार्य सत्यभान गुप्ता ने उक्त अभ्यर्थी को रोककर कड़ी पूछताछ की।
कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी युवक टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने स्वीकार किया कि उसका असली नाम विशाल (पुत्र नरेश) है, जो कि गढ़ी छीपी, थाना मटसैना, फिरोजाबाद का रहने वाला है। वह असली परीक्षार्थी सत्येंद्र कुमार के कहने पर उसकी जगह परीक्षा देने बैठ गया था। आरोपी ने अपना लिखित कबूलनामा भी अधिकारियों को सौंप दिया है।
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मामला संज्ञान में आने पर सरस्वती इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सत्यभान गुप्ता ने विशाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उसके पास से फर्जी आधार कार्ड, मूल प्रवेश पत्र बरामद किया गया है। मिस-मैच पेनड्राइव को भी कब्जे में लिया गया है। सीओ हिमांशु यादव ने बताया आरोपी युवक को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।