दो जुलाई 2024 को सत्संग के बाद मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। अक्तूबर 2024 में प्रकरण में 32सौ पेज की चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें 11 आरोपी बनाए गए थे। प्रकरण में 676 गवाह हैं।
सिकंदराराऊ के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में दो साल पहले हुए सत्संग हादसे के मामले में 14 मई को एडीजे कोर्ट प्रथम में दारोगा महावीर सिंह की गवाही हुई। दारोगा वर्तमान में कोतवाली हाथरस जंक्शन में तैनात हैं।
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बयान में महावीर सिंह ने बताया कि घटना वाले दिन उन्हें पंचायतनामा की कार्यवाही के लिए जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम गृह भेजा गया था। वहां महिला कांस्टेबल की मदद से उन्होंने दो महिलाओं व दो बच्चों के शवों के पंचायतनामा की कार्यवाही की थी। चोटों का अवलोकन किया था, लेकिन शव पर कोई जाहिर चोट नहीं थीं। उनकी मौत भगदड़ में नीचे गिरने की वजह से हुई थी।
बता दें कि दो जुलाई 2024 को सत्संग के बाद मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। अक्तूबर 2024 में प्रकरण में 32सौ पेज की चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें 11 आरोपी बनाए गए थे। प्रकरण में 676 गवाह हैं। मामले में अगली तारीख 21 मई लगाई गई है।