सीएम और जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुरसान गेट स्थित संजीवनी मेडीकेयर सेंटर का निरीक्षण किया। टीम ने शिकायती पत्र में लगाए गए सभी आरोपों की बारीकी से जांच की।
एसीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि मुुरसान के रामप्रकाश ने सीएम आदित्यनाथ योगी से पत्र के जरिए की गई शिकायत में आरोप लगाए थे कि मुरसान ब्लॉक की पीएचसी पर संविदा पर कार्यरत डॉक्टर ड्यूटी से गैरहाजिर रहकर संजीवनी हॉस्पिटल चलाकर निजी प्रेक्टिस कर लाखों कमाता है।
यह डॉॅक्टर सिर्फ बीएएमएस है, फिर भी गाइनोकॉलोजी हॉस्पिटल चलाता है। यह हॉस्पिटल एकांत में होने के कारण भ्रूण परीक्षण का जिले का सबसे बड़ा केंद्र है, जिसमें आसपास कार्यरत आशाएं प्रति मरीज पांच हजार रुपये के कमीशन पर मरीजों को भर्ती कराती हैं। यहां जांच की फर्जी लैब चलाकर जनता का आर्थिक दोहन किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को हर महीने लाखों की चौथ देकर डॉक्टर ने अपनी संविदा नियुक्ति निजी हॉस्पिटल से सिर्फ 10 किमी की दूरी पर करा ली है, सहित कई तरह के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा संदीप मोहन के नाम के एक व्यक्ति ने भी ईमेल के जरिए इस हॉस्पिटल की शिकायत की है।
शिकायत में आरोप है कि यह हॉस्पिटल बिना किसी परमानेंट योग्य डॉक्टर के संचालित हो रहा है। नर्सिंग स्टाफ भी क्वालीफाइड नहीं है। एंबुलेंस, टॉयलेट व वॉशरूम की व्यवस्था भी नहीं है। शिकायतकर्ता ने अन्य कई आरोप लगाए हैं। इन शिकायतों की जांच करने के लिए सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ प्रतिरक्षण डॉ. विजेंद्र सिंह और एसीएमओ डॉ. डीके अग्रवाल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की और जरूरी तथ्य एकत्रित किए। एसीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ताओं के आरोपों की जांच कर ली गई है। अब एक शिकायतकर्ता को ईमेल के जरिए भेजे गए साक्ष्यों के साथ तीन दिन में सीएमओ दफ्तर में उपस्थित होने को कहा गया है, जबकि दूसरे का पता शिकायती पत्र में अधूरा है।