जिले में अब तक शासन के निर्देशों का किसी भी विभाग ने अनुपालन नहीं किया है। प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए थे कि वह 31 मार्च, 2017 को 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले अक्षम कर्मचारी एवं अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराएं, जिससे विभागीय कार्यों में अक्षम अधिकारी एवं कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति प्रदान की जा सके। शासन को यह सूची 31 जुलाई तक उपलब्ध कराई जानी है, जबकि जिला प्रशासन की ओर से 3 जुलाई को ही इस बारे में सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए थे। लिहाजा अब विभागों में यह सूची तैयार की जा रही है।
सरकारी विभागों में देखा जा रहा है कि पर्याप्त संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारियों की तैनाती होने के बावजूद विभागीय कामकाज मानक के अनुरूप नहीं हो पा रहे हैं। इसकी एक वजह सरकारी विभागों में अनुकंपा के आधार पर नौकरी करने वाले एवं अक्षम कर्मचारी और अधिकारियों की भरमार हैं। विभागों में पूरी श्रमशक्ति होने के बावजूद सही से कामकाज नहीं हो पा रहे हैं। लेटलतीफी के कारण कई बार सरकारी योजनाओं का भी ठीक से संचालन नहीं हो पा रहा। योजनाओं का समय से संचालन नहीं हो पाने के कारण जनता के बीच सरकार का गलत संदेश भी जाता है।
इसे देखते हुए शासन ने 15 जुलाई तक सभी विभागों से 50 वर्ष से अधिक उम्र के अक्षम अधिकारी एवं कर्मचारियों की सूची भेजने के लिए आदेश दिए थे, लेकिन किसी भी सरकारी महकमे ने इस ओर अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया है। इसकी एक वजह यह भी है कि कई विभागों के अफसर ही 50 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। उनके द्वारा विभागीय कामकाजों में रुचि लिए जाने के बजाय सिर्फ अपनी नौकरी पूरी करने पर ध्यान दिया जा रहा है। यही वजह है कि वह वह इस सूची को भेजकर खुद अपनी ही फजीहत नहीं करना चाहते। यही वजह है कि वह सूची देने में गंभीरता नहीं दिखा रहे।