आयकर विभाग की टीमों कारोबारियों के आवासीय और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को पूरी तरह से सील कर दिया है। बाहर पुलिस का पहरा है। न किसी को अंदर जाने दिया जा रहा है और न ही किसी को बाहर आने दिया जा रहा है। इस दौरान शहर के दूसरे कारोबारी भी कार्रवाई के बारे में जानकारी करने का प्रयास करते रहे कि अंदर क्या चल रहा है। लेकिन किसी का संपर्क नहीं हो पा रहा है और इससे कारोबारियों में खलबली मची हुई है।
दिल्ली में फैक्टरी पर भी टीम का डेरा
हाथरस शहर के दो रंग व हींग कारोबारियों के यहां आयकर विभाग की टीमें डेरा डाले हुए हैं। यह टीमें बुधवार की सुबह से इन कारोबारियों की आवास और फैक्टरियां पर पहुंच गईं। आयकर विभाग की एक टीम गुडिया वाला पेच स्थित फर्म राधा किशन विशन दास रंग रसायन प्राइवेट लिमिटेड पर सर्वे का कार्य कर रही है। इस क्रम में कलवारी रोड स्थित एक रंग व हींग की फैक्टरी पर डेरा डाले हुए है। नाई का नगला स्थित फैक्टरी, बीएच मिल ऑयल रोड स्थित फैक्टरी, सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित राधाकृष्ण रसायनशाला में टीमें जांच में जुटी हैं। एक टीम घास मंडी स्थित आरबी कलर इंडस्ट्री पर सर्वे कर रही है। सादाबाद गेट स्थित रंग उद्यमी के आवास पर भी दो टीमें लगी हुई हैं। सर्वे के दौरान टीम द्वारा स्टॉक और ई वे बिल आदि की पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार रंग कारोबारी ड्राई फ्रूट कारोबार में उतर गए हैं। इसे लेकर भी चर्चा यह है कि इस कारोबार से जुड़ी दिल्ली में एक फैक्टरी पर भी आयकर विभाग की टीम डेरा डाले हुए है।
जीएसटी व आयकर सर्वे बंद न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी
उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सर्वे की कार्रवाई के नाम पर व्यापारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की गई। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। ज्ञापन में पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारी समाज परिश्रम से सरकार को हजारों रुपये महीने का कर अदा करता है। इसी राजस्व से पूरे देश की व्यवस्था चलती है। इसके बाद भी व्यापारी को उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। विभिन्न विभागों द्वारा तरह-तरह से व्यापारियों का शोषण किया जाता है। साथ ही सरकार व्यापार को और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्टर समिट का आयोजन करती है, जिसमें मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक सभी उद्योगों को बढ़ावा देने की बात करते हैं।
सभी जिलों से पूरे प्रदेश से व्यापारियों और उद्योगपतियों ने लाखों-करोड़ों रुपया निवेश करने के लिए रुचि दिखाई है। स्वयं सरकार का मानना है कि इस निवेश से अधिकाधिक राजस्व की प्राप्ति होगी तमाम नौकरियां नौकरियों का सृजन होगा इसके विपरीत हाथरस में उद्योगों को समर्थन देने की बजाय उनके यहां छापामार कार्रवाई की जा रही है। जीएसटी विभाग आने वाले दिनों में सर्वे की बात कह रहा है। व्यापारी और उद्यमी नया उद्योग लगाने से कतरा रहे हैं। यही हाल रहा तो हाथरस के उद्योग पलायन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
मांग करने वालों में प्रदेश मंत्री योगा पंडित, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गोविंद प्रसाद अग्रवाल, जिला अध्यक्ष अशोक बागला, जिला महामंत्री कपिल अग्रवाल, नगर अध्यक्ष पदम अग्रवाल, नगर महामंत्री राजकुमार वर्मा, नगर विधानसभा महामंत्री प्रेम प्रकाश पागल गुरु, युवा जिला अध्यक्ष अरुण कुलश्रेष्ठ, युवा जिला महामंत्री ललितेश गुप्ता, विनोद मित्तल सुभाष गर्ग कपिल अग्रवाल, भगवत स्वरूप गर्ग, प्रदीप सारस्वत संदीप सेकसरिया, पीयूष गुड़हा, बलवीर वर्मा आदि थे।