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स्कूल बस-कार में भिड़ंत, किसान की मौत

Sat, 22 Oct 2016 11:42 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
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घटनास्‍थल पर क्षतिग्रस्त कार और लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव दयानतपुर पर शनिवार दोपहर को एक स्कूल की बस और ने कार में भिड़ंत हो गई। इसमें कर सवार सासनी निवासी किसान चंद्रपाल की मौत हो गई। छह स्कूली बच्चे भी घायल हुए हैं। घायल बच्चों का उपचार निजी अस्पताल में कराया गया। पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है। 
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कस्बा सासनी में नानऊ रोड पर रहने वाले चंद्रपाल (45) पुत्र भगवानदास अपने इलाके के नामी किसान थे। वह मंगलवार को अपनी स्विफ्ट डिजायर कार (यूपी आर 0986) से सादाबाद से अपने सासनी स्थित घर जा रहे थे। दयानतपुर पर दोपहर तीन बजे सामने से आ रही एक इंग्लिश मीडियम स्कूल की तेज रफ्तार बस से कार की जोरदार भिड़ंत हुई।

हादसा इतना जबरदस्त था कि स्कूल बस के अगले हिस्से को भी काफी नुकसान पहुंचा और उसमे सवार बच्चों को भी चोट पहुंची। कार का अगला हिस्सा तो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। 
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ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना देने के बाद कार के अंदर फंसे    चंद्रपाल को बाहर निकालने की कोशिश की। उनकी सांसे उखड़ती जा रही थीं। 

कुछ देर बाद पहुंची पुलिस गंभीर रूप से घायल चंद्रपाल को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लेकर पहुंची। मौके का फायदा उठाकर आरोपी बस चालक भाग निकला । अस्पताल में डॉक्टरों ने चंद्रपाल को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सासनी में परिजनों को सूचना देने के बाद बस को कब्जे में ले लिया। पुलिस चंद्रपाल की कार को भी क्रेन की मदद से थाने ले आई।

चंद्रपाल के ताऊ रघुवीर के बेटे प्रकाश चंद्र ने थाने में आरोपी चालक के विरुद्ध तहरीर दी है। एसओ केपी सिंह का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम रात को कराने की कोशिश की जा रही है। आरोपी चालक के विरुद्ध तहरीर मिल गई है। मुकदमा दर्ज कर जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी। 

चंद्रपाल की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियां अनाथ हो गईं। 22 साल की सोनिया और 20 साल की मोनिया की मां मंजूदेवी की मौत छह साल पहले बीमारी से हो चुकी है। पिता की मौत की खबर से लड़कियां सदमे में हैं। वहीं चंद्रपाल के बुजुर्ग पिता भगवानदास और मां भगवान देवी को समझ नहीं आ रहा है कि तकदीर ने उम्र के इस मोड़ पर उनके साथ यह नाइंसाफी क्यों की है? चंद्रपाल अपने मां-बाप के इकलौते बेटे थे। अब परिवार की जिम्मेदारी भगवानदास के बूढ़े कंधों पर आ गई है।
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