केंद्र सरकार द्वारा की गई ताजा बढ़ोतरी से हाथरस में पेट्रोल के दाम अब 99.16 रुपये और डीजल के दाम 92.50 रुपये हो गए हैं। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों से लेकर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों तक की चिंता बढ़ा दी है। इस इजाफे का असर अब जरूरी वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी के रूप में सामने आ रहा है।
शनिवार सुबह जारी नई दरों के अनुसार हाथरस में पेट्रोल की कीमत 89 पैसे बढ़कर 99.16 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई, जबकि डीजल 91 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 92.50 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। सीएनजी की कीमतों में भी एक रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ है, जिसके बाद अब हाथरस में सीएनजी के दाम 91 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं।
अगर पिछले 10 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पेट्रोल और डीजल के दामों में अब तक लगभग पांच-पांच रुपये प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पहले पेट्रोल करीब 94 रुपये और डीजल 87.50 रुपये के आसपास था। अब दोनों की कीमतें तेजी से बढ़कर नए स्तर पर पहुंच गई हैं।
आम उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे परिवारों के लिए ईंधन की बढ़ती कीमतें अतिरिक्त बोझ बन गई हैं। यदि बढ़ोतरी का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भी और वृद्धि देखने को मिल सकती है।
पिछले 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल की इस तरह बढ़ी कीमतें
ईंधन
10 दिन पहले कीमत
वर्तमान कीमत
कुल वृद्धि
पेट्रोल
94.16 रु./लीटर
99.16 रु./लीटर
5.00 रु.
डीजल
87.50 रु./लीटर
92.50 रु./लीटर
5.00 रु.
सीएनजी
90.00 रु./किग्रा
91.00 रु./किग्रा
1.00 रु.
ट्रांसपोर्टर पर पड़ रहा सबसे अधिक असर
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डीजल महंगा होने से परिवहन लागत लगातार बढ़ रही है, जिसका असर जल्द ही माल भाड़े और बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर दिखाई देगा।
ऑटो-टैक्सी चालकों की बढ़ी परेशानी
सीएनजी के दाम बढ़ने से ऑटो और टैक्सी चालकों की परेशानी बढ़ गई है। उनका कहना है कि पहले सीएनजी को सस्ता विकल्प माना जाता था, लेकिन अब इसकी कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी से बचत कम होती जा रही है।
डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से वाहन संचालन का खर्च काफी बढ़ गया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो मालभाड़ा बढ़ाना मजबूरी हो जाएगा, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
-राकेश तिवारी, ट्रांसपोर्टर
पहले सीएनजी को सस्ता विकल्प मानकर लोगों ने अपने वाहन परिवर्तित कराए थे, लेकिन अब इसके दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। कमाई जितनी हो रही है, उसका बड़ा हिस्सा ईंधन पर खर्च हो जा रहा है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।
-कपिल शर्मा, वाहन चालक।