पूछताछ में पता चला कि पति-पत्नी इस क्लीनिक को डेढ़ साल से चला रहे हैं। इन लोगों ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर रोक लिया। पूछताछ में वे न तो खुद के चिकित्सक होने का प्रमाण दे सके और न ही अस्पताल का कोई पंजीकरण दिखा सके।
टीम को यहां एक वार्ड मिला, जिसमें चार बेड थे। एक ऑपरेशन थिएटर (ओटी) भी बना रखा था। निरीक्षण में ओटी को देखकर लग रहा था कि यहां प्रसव हुए हैं, लेकिन झोलाछाप ने इस बात को स्वीकार नहीं किया। उसके मोबाइल से अलीगढ़ व कासगंज के कुछ चिकित्सकों के नंबर भी लिए गए हैं। आशंका है कि ये उसके मददगार हो सकते हैं।
पूरी कार्रवाई की फोटो व वीडियोग्राफी भी कराई गई। डिप्टी सीएमओ डाॅ. एमआई आलम ने बताया कि प्रकरण की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। क्लीनिक ऐसे स्थान पर है, जहां से अलीगढ़ व कासगंज जिला नजदीक है, इसलिए मंडलीय स्तर पर भी इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। जांच के बाद एफआईआर दर्ज कराने के साथ अन्य कार्रवाई भी की जाएगी।