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Hathras News: डेंगू-मलेरिया का प्रकोप बढ़ा, तो गहराएगा प्लेटलेट्स का संकट

Mon, 08 May 2023 01:27 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

बागला जिला अस्पताल में ब्लड बैंक मौजूद है। इससे जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध हो जाता है, लेकिन रक्त के जरूरी अवयव जैसे प्लेटलेट्स, आरबीसी, प्लाज्मा नहीं मिल पाता है। इससे मरीजों को रक्त के जरूरी अवयवों के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
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बागला जिला अस्पताल की रक्त अवयव पृथक्कीकरण के लिए रखी मशीनें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदलते मौसम में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। गर्मी के मौसम में डेंगू और मलेरिया के मरीज बढ़ जाएंगे। ऐसे में प्लेटलेट्स की जरूरत बढ़ जाएगी। इसके बावजूद यहां जिला अस्पताल में रक्त अवयव प्रथक्कीकरण इकाई शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा।

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बागला जिला अस्पताल में ब्लड बैंक मौजूद है। इससे जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध हो जाता है, लेकिन रक्त के जरूरी अवयव जैसे प्लेटलेट्स, आरबीसी, प्लाज्मा नहीं मिल पाता है। इससे मरीजों को रक्त के जरूरी अवयवों के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए शासन से रक्त अवयव प्रथक्कीकरण इकाई शुरू करने के आदेश आए थे।

इसके लिए अब जरूरी मशीनें भी मिल गई हैं, लेकिन अभी इंजीनियर ने आकर मशीनें इंस्टाल नहीं की हैं। इसके अतिरिक्त डीप फ्रिज व अन्य विद्युत उपकरण भी अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। इससे इकाई अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। चिकित्सकों के मुताबिक कुछ समय में डेंगू, मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगेगा। इससे प्लेटलेट्स की मांग बढ़ जाएगी। रक्त अवयव प्रथक्कीकरण इकाई शुरू न होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों व दूसरे जिलों का रुख करना पड़ेगा।
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रक्त अवयवों को किया जाता है प्रथक रक्त में चार अवयव होते हैं। इसमें रेड ब्लड सेल, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स व क्रायो प्रेसीपिटेट शामिल होते हैं। प्रथक्कीकरण इकाई में रक्त के इन अवयवों को प्रथक किया जाता है। जिस मरीज को रक्त के जिस अवयव की आवश्यकता होती है, उसे वह अवयव दे दिया जाता है।

रक्त अवयव प्रथक्कीकरण इकाई के लिए आवश्यक मशीनें तो प्राप्त हो गई हैं, लेकिन अभी इन्हें इंस्टाल करने के लिए इंजीनियर नहीं आए हैं। इसके अतिरिक्त विद्युत उपकरण व डीप फ्रिज भी अभी नहीं आया है। इससे रक्त अवयव प्रथक्कीरण इकाई शुरू नहीं हो पाई है। -डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस बागला जिला अस्पताल

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