गांव कुकरगवां में मंगलवार की देर रात हुई बुजुर्ग किसान की हत्या के आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं। ग्रामीणों का कहना था कि जिसकी किसी से कोई रंजिश नहीं हो, उसकी हत्या आखिर कौन कर सकता है। इस हत्याकांड के बाद ग्रामीणों में दहशत है।
उल्लेखनीय है कि गांव निवासी किसान देवी सिंह (71) की मंगलवार रात साढ़े 11 बजे उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह कस्बा सहपऊ से साइकिल से अपने गांव जा रहे थे। हमलावरों ने उनको काफी नजदीक से गोलियां मारी थीं। हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अधीक्षक देवेश पांडेय ने एसओजी के साथ अन्य कई पुलिस टीमें लगा दी हैं।
पुलिस भी हत्या के संबंध में कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है। पुलिस ने कस्बा और कुकरगवां के पास के अन्य गांवों में लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले हैं। पुलिस उन दो युवकों तक नहीं पहुंच पाई है, जिन्होंने मंगलवार रात सात से आठ बजे के बीच देवी सिंह के आवास पर पहुंचकर उनके आने के बारे में पत्नी एवं पौत्र से जानकारी ली थी। हमलावरों ने हत्या में बिना नंबर की अपाचे बाइक को प्रयोग किया था।
देवी सिंह के परिजनों का कहना है कि वह किसी को अपने पैसों का कोई हिसाब किताब नहीं बताते थे। कुछ ग्रामीण किसान की हत्या को करीब 34 वर्ष पूर्व इसी गांव निवासी एक व्यक्ति पर हुए जानलेवा हमले की घटना से जोड़कर देख रहे हैं। इस घटना में सात लोग नामजद थे, जिसमें मृतक एवं उनके पुत्र के साथ इसी गांव के अन्य लोग शामिल थे।
1994 में गांव में महेश नाम के व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। लगभग 18 साल पूर्व महेश के छोटे भाई उमेश एवं उसके एक पुत्र की भी गोली मारकर हत्या की गई थी और अब देवी सिंह की उसी अंदाज में हत्या की गई है। इन हत्याओं से ग्रामीण दहशत में हैं। प्रभारी कोतवाली निरीक्षक श्याम सिंह का कहना है कि पुलिस किसान की हत्या के खुलासे को लेकर गंभीर है। अतिशीघ्र हत्यारों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।