आशीष कुमार का ढ़ाई महीने बाद ही हाथरस के जिलाधिकारी पद से तबादला हो गया। वह विशेष सचिव स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग एवं अपर महानिरीक्षक निबंधन बनाए गए हैं। हमीरपुर के डीएम राहुल पांडेय को हाथरस का नया डीएम बनाया गया है।
शासन ने डीएम हमीरपुर राहुल पांडेय को हाथरस का नवागत डीएम बनाया है। यहां जिलाधिकारी पद पर तैनात आशीष कुमार का कार्यकाल ढ़ाई माह का रहा।
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हाथरस के डीएम आशीष कुमार को विशेष सचिव स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग एवं अपर महानिरीक्षक निबंधन बनाया गया है। हमीरपुर के डीएम राहुल पांडेय को हाथरस का डीएम बनाया गया है। राहुल पांडेय 20214 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। हमीरपुर से राहुल पांडेय 15 सितंबर को कार्यभार संभालेंगे। नवागत जिलाधिकारी राहुल पांडेय ने बताया कि मूल रुप से गाजियाबाद के रहने वाले हैं। शासन की प्राथमिकता की योजना को धरातल पर उतारा जाएगा।जनता दर्शन के जरिए समस्याओं के समाधान किया जाएगा।
ढ़ाई माह का चुनौती पूर्ण कार्यकाल
आशीष कुमार ने यहां बतौर जिलाधिकारी 26 जून को कार्यभार ग्रहण किया गया था। कार्यभार ग्रहण करने के बाद डीएम पद कार्यकाल चुनौती पूर्ण रहा। कार्यभार ग्रहण करने के छठवें दिन 2 जुलाई को सिकंदराराऊ के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में सूरजपाल उर्फ साकार हरि के सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में शासन स्तर से एसआईटी , न्यायिक आयोग गठित हुआ था। विगत में 3 सिंतबर को जिलाधिकारी आशीष कुमार सहित छह अधिकारियों के बयान भी दर्ज हुए थे। इस मामले को राजनीतिक गलियारों में भी हलचल रही थीं। जिला को कई दिनों तक सुर्खियों में रखा था।
इसके बाद अमर उजाला ने 2199 फर्जी प्रमाण पत्र मामले को खोला था। इस मामले में शासन ने डीएम से रिपोर्ट तलब की थी। यह मामला भी कई दिनों तक सुर्खियों में रहा था। इसी क्रम में छह सितंबर को नगला भुस बाईपास के निकट मैक्स पिकअप व रोडवेज बस की भिडंत में 18 की मौत हुई थी। इसी तरह के कई वारदातों लेकर कार्यकाल चुनौती पूर्ण रहा। हमीरपुर से राहुल पांडेय 15 सितंबर को कार्यभार संभाल सकते हैं।