26 जून से गौरी के घर से चले जाने के बाद पति आदित्य अपने रिश्तेदारियों में उसकी तलाश कर रहा था। आदित्य को पहले से ही शक था कि बुआ के बेटे करन के साथ गौरी गई है। उसे जानकारी मिली कि करन ने गौरी को अपने मौसा रंजीत के यहां नगला कली में रखा है। इसके बाद पहले अन्य माध्यमों से उसने रेकी की और उसके बाद करन अपने दोस्तों के साथ दो बाइकों पर गांव पहुंच गया और घटना को अंजाम दे दिया।
गौरी ने आदित्य के साथ रहने से कर दिया था इन्कार
करन ने बताया कि गौरी ने परिवार में कई बार हुए विवाद के दौरान आदित्य के साथ रहने से साफ इन्कार कर दिया था। इसे लेकर कई बार परिवार में विवाद भी हुआ था, लेकिन परिवार ने अनदेखा कर दिया था। कासगंज के नसरतपुर से जाने के बाद करन अपने परिवार के साथ कोतवाली सादाबाद पहुंचा था और उसने गौरी से शादी करने की बात कही थी, लेकिन पुलिस ने इस बात को नजरअंदाज कर दिया और करन व उसके परिवार को कोतवाली से लौटाते हुए यह कह दिया कि दोनों ही बालिग हो, शादी कर लो, इसमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं रहता।
अगर पुलिस मामले की गंभीरता को समझती तो यह हादसा टल सकता था। कोतवाली से वापस आने के बाद करन ने तहसील में पहुंचकर कोर्ट मैरिज करने के लिए दस्तावेजों को तैयार कराया और इन्हें शादी के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालय में दाखिल कर दिया। करन ने बताया कि हम दोनों जल्द ही कोर्ट मैरिज कर अपने घर में रहना चाहते थे। हमारे परिवार को कोई आपत्ति नहीं थी। अभी तक गौरी पर कोई बच्चा भी नहीं था।
हाथरस एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि गौरी ने तीन वर्ष पूर्व आदित्य से भी प्रेम विवाह किया था। दोनों के अलग जाति के होने के कारण काफी दिनों तक विरोध की स्थिति भी बनी रही थी, लेकिन गौरी ने आदित्य से ही विवाह किया था। इस कारण आदित्य गौरी से प्रेम करता था। संवाद
नगला कली में एक महिला अपने पति से अनबन के बाद अपने मित्र के मौसा के यहां रह रही थी। पति को जब यह जानकारी हुई कि उसकी पत्नी मित्र के साथ रह रही है तो पति तीन अन्य दोस्तों के साथ वहां आया। मौके पर आपस में विवाद हुआ। पति ने चाकू से कई वार किए, जिससे उसकी पत्नी गौरी की मौत हो गई। आदित्य का दोस्त अमन डंडे की चोट से गंभीर घायल हो गया था, उसकी भी मौत हो गई। इस मामले में तहरीर ली जा रही है।-चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी।