महिलाओं ने पहले पूजन सामग्री से घर के सदस्यों का उतारा किया गया। इसके बाद देवी मंदिरों पर पहुंचकर जलाभिषेक किया। ठंडे भोजन, हल्दी आदि से पूजा की। पूजा से पूर्व महिलाओं ने मुर्गा से अपने बच्चों को उतारा किया।
होली के बाद बच्चों की सलामती, उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए बासौड़ा पूजन किया गया। शहर के शीतला माता मंदिर सहित कई अन्य मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही।
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17 मार्च को बासौड़ा पूजन के लिए श्रद्धालु सुबह से ही शहर के शीतला माता, भैरव बाबा के मंदिरों में पहुंचना शुरू हो गए। श्रद्धालुओं ने रोगों से मुक्ति व व बच्चों स्वास्थ्य की सलामती के लिए प्रार्थना की। शहर के किला गेट स्थित पथवारी मैया मंदिर, तालाब चौराहा स्थित मसानी मैया मंदिर, सीयल खेड़ा स्थित शीतला माता मंदिर के साथ ही गणेश गंज स्थित भैरव बाबा के मंदिर पर पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
महिलाओं ने पहले पूजन सामग्री से घर के सदस्यों का उतारा किया गया। इसके बाद देवी मंदिरों पर पहुंचकर जलाभिषेक किया। ठंडे भोजन, हल्दी आदि से पूजा की। पूजा से पूर्व महिलाओं ने मुर्गा से अपने बच्चों को उतारा किया। अब 20 व 21 मार्च को भी कुछ लोग बासौड़ा का पूजन करेंगे।