आगरा रोड स्थित एमजी पॉलिटेक्निक का छात्रावास
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हाथरस शहर की मुरलीधर गजानंद पॉलिटेक्निक के पास अपना शैक्षिक भवन के साथ लंबा-चौड़ा छात्रावास का भवन भी मौजूद है। बावजूद इसके संस्थान के छात्र-छात्राओं को शहर में किराये पर कमरा लेकर रहना पड़ रहा है। वर्तमान में इस छात्रावास पर होमगार्ड विभाग का कब्जा है।
शहर के एमजी पॉलीटेक्निक में करीब 1400 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं। इनमें अधिकांश जिले के दूर-दराज के गांवों के रहने वाले हैं। दैनिक रूप से कक्षाएं लेने के लिए इन छात्र-छात्राओं को शहर में ही किराये पर कमरा लेना पड़ रहा है, जबकि पॉलिटेक्निक का छात्रावास लंबे समय से पुलिस महकमे के पास है। पहले इसमें पुलिस लाइन का संचालन किया जाता था।
मेंडू रोड पर नई पुलिस लाइन बनने के बाद इस छात्रावास को होमगार्ड विभाग के हवाले कर दिया गया, लेकिन यह भवन पॉलिटेक्निक प्रशासन को वापस नहीं मिला। इस कारण यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा नहीं मिल पा रही है। छात्रों को आसपास की कॉलोनियों में किराये पर कमरे लेकर रहना पड़ रहा है। चिंता की बात तो यह है कि मरम्मत और देखभाल के अभाव में यह भवन जर्जर हो चुका है। ऐसे में अगर यह पॉलिटेक्निक संस्थान को मिल भी जाता है तो इसमें विद्यार्थियों का रहना खतरे से खाली नहीं होगा।
हमारे संस्थान में छात्रावास की सुविधा है, लेकिन छात्रावास को प्रबंधन ने किसी और को दे रखा है। अगर आवास की सुविधा हो तो हमें अन्य जगह किराये पर कमरा नहीं लेना पड़ेगा।-प्रशांत कुमार, सादाबाद निवासी छात्र।
मैं मथुरा का रहने वाला हूं। सुबह जल्दी ही कक्षा लेनी पड़ती है, इसलिए हमें शहर में कमरा किराये पर लेकर रहना पड़ता है। अगर काॅलेज की ओर से छात्रावास की सुविधा मिले तो काफी बेहतर होगा।-अवधेश कुमार, मथुरा निवासी छात्र।
इस समय काॅलेज के आसपास कमरा लेना काफी महंगा पड़ता है। काॅलेेज को हमें छात्रावास की सुविधा देनी चाहिए, ताकि हमें अन्य जगहों पर किराये पर कमरा न लेना पड़े।-रोहित, गोंड़ा निवासी छात्र।
हमारे संस्थान का परिसर काफी बड़ा है। यहां अगर कमरे बना दिए जाएं तो छात्रों को काॅलेज से दूर कमरे लेने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा और हमें सस्ते दाम पर छात्रावास भी मिल जाएगा। -सौरभ, अलीगढ़ निवासी छात्र।
वर्ष 1992 से ही छात्रावास पुलिस विभाग के पास है। इसे वापस लेने के लिए पत्र लिखे गए हैं, लेकिन अब यह जर्जर घोषित है। इसमें विद्यार्थी नहीं रह पाएंगे।-मुकेश कुमार, प्रधानाचार्य एमजी पॉलीटेक्निक, हाथरस।