फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras: बिटिया के पिता की चिट्ठी पढ़ चंदपा पहुंचे राहुल गांधी, 40 मिनट की परिवार से वार्ता

Fri, 13 Dec 2024 02:54 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

एक्स पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि हाथरस जाकर चार साल पहले हुई शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना के पीड़ित परिवार से मिला। इस दौरान परिवार ने जो बातें बताईं उसने मुंझे झकझोर दिया है। परिवार के सदस्य स्वतंत्र रूप से कहीं आ-जा नहीं सकते हैं, उन्हें हर समय बंदूक और कैमरों की निगरानी में रखा जाता है।
विज्ञापन
बिटिया के घर पहुंचे सांसद राहुल गांधी - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोकसभा में नेता सदन व कांग्रेस सांसद ने राहुल गांधी 12 दिसंबर के अचानक हाथरस पहुंचने से प्रदेश का सियासी पारा गर्मा गया। वह चार साल पहले हुए चंदपा क्षेत्र के बिटिया प्रकरण में पीड़ित परिजनों से मिले और करीब 40 मिनट तक उन्होंने पीड़ित परिवार से बात की, उसके बाद वह लौट गए। गत दो जुलाई को उन्हें बिटिया के पिता ने पत्र लिखा था और न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी। 

विज्ञापन


देर शाम उन्होंने मीडिया देर शाम उन्होंने अपने एक्स एकाउंट से एक पोस्ट की, जिसमें कहा है कि बिटिया के परिजनों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, वह डर के साये में रह रहा है। यह घटना भाजपा के दलितों पर अत्याचार की सच्चाई है। राहुल गांधी की इस मुलाकात के बाद यह प्रकरण फिर से तूल पकड़ता दिख रहा है। 

एक्स पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि हाथरस जाकर चार साल पहले हुई शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना के पीड़ित परिवार से मिला। इस दौरान परिवार ने जो बातें बताईं उसने मुंझे झकझोर दिया है। परिवार के सदस्य स्वतंत्र रूप से कहीं आ-जा नहीं सकते हैं, उन्हें हर समय बंदूक और कैमरों की निगरानी में रखा जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने उनसे जो वादे किए थे, वे आज तक पूरे नहीं हुए हैं। न तो सरकारी नौकरी दी गई और न ही उन्हें किसी दूसरी जगह घर देकर शिफ्ट करने का वादा पूरा किया गया है। 
विज्ञापन


पीड़ित परिवार को न्याय देने के बजाय, सरकार उन पर तरह-तरह से अत्याचार कर रही है। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इस परिवार की हताशा और निराशा भाजपा द्वारा दलितों के ऊपर किए जा रहे अत्याचार की सच्चाई को दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि हम इस परिवार को यूं ही इनके हाल पर रहने को मजबूर नहीं होने देंगे। इन्हें न्याय दिलाने के लिए हम पूरी ताक़त के साथ लड़ेंगे। 

विज्ञापन

बिटिया के भाई बोले- नहीं मिला अभी तक न्याय 

बिटिया के भाई ने बताया कि हमें अभी तक न्याय नहीं मिला है और हमने राहुल गांधी को अपना दुख दर्द बताया है। एससी-एसटी एक्ट के तहत मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये मिले थे, वह भी न्यायालय की भागदौड़ खाने-पीने और अन्य कार्यों में खर्च हो चुके हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। राहुल गांधी हमें भरोसा देकर गए हैं कि हमारे बच्चे जल्द ही स्कूल में जा सकेंगे। इस मामले में जल्द ही बड़ा कदम उठाया जाएगा। नौकरी और मकान का वादा पूरा नहीं होने के कारण परिवार नाराज है, बुधवार को घर की पैमाइश करने गई टीम को भी परिवार ने लौटा दिया था। 

यह था मामला 
कोतवाली चंदपा क्षेत्र के एक गांव में 14 सितंबर 2020 अनुसूचित जाति की एक युवती गांव के निकट ही खेत में घायल अवस्था में पड़ी मिली थी। इस मामले में उसके भाई ने गांव के युवक संदीप के विरुद्ध जानलेवा हमला व एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। युवती को गंभीर अवस्था में अलीगढ़ के मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भेजा गया था। 22 सितंबर को युवती के बयान के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई थी और तीन अन्य रामू, रवि और लवकुश के नाम बतौर आरोपी शामिल किए गए थे। पुलिस ने चारों नामजदों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में युवती ने दम तोड़ दिया था। इस प्रकरण की जांच सीबीआई ने की थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें