बिटिया के भाई ने बताया कि हमें अभी तक न्याय नहीं मिला है और हमने राहुल गांधी को अपना दुख दर्द बताया है। एससी-एसटी एक्ट के तहत मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये मिले थे, वह भी न्यायालय की भागदौड़ खाने-पीने और अन्य कार्यों में खर्च हो चुके हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। राहुल गांधी हमें भरोसा देकर गए हैं कि हमारे बच्चे जल्द ही स्कूल में जा सकेंगे। इस मामले में जल्द ही बड़ा कदम उठाया जाएगा। नौकरी और मकान का वादा पूरा नहीं होने के कारण परिवार नाराज है, बुधवार को घर की पैमाइश करने गई टीम को भी परिवार ने लौटा दिया था।
यह था मामला
कोतवाली चंदपा क्षेत्र के एक गांव में 14 सितंबर 2020 अनुसूचित जाति की एक युवती गांव के निकट ही खेत में घायल अवस्था में पड़ी मिली थी। इस मामले में उसके भाई ने गांव के युवक संदीप के विरुद्ध जानलेवा हमला व एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। युवती को गंभीर अवस्था में अलीगढ़ के मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भेजा गया था। 22 सितंबर को युवती के बयान के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई थी और तीन अन्य रामू, रवि और लवकुश के नाम बतौर आरोपी शामिल किए गए थे। पुलिस ने चारों नामजदों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में युवती ने दम तोड़ दिया था। इस प्रकरण की जांच सीबीआई ने की थी।