शहर में एक दुकान पर रखा खुला दूध। संवाद
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भीषण गर्मी का असर अब दूध के बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। जिले में खुले दूध के दामों में पांच रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हो गई है। सामान्य दिनों में 60 रुपये किलो बिकने वाले खुले दूध के दाम अब 65 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। कारोबारियों कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ पशुओं में दूध उत्पादन घट जाता है, जिससे बाजार में आवक कम हो जाती है और कीमतों में वृद्धि होने लगती है।
दूध कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है। इसका सीधा असर दुधारू पशुओं पर पड़ रहा है। पशु अपेक्षाकृत कम दूध दे रहे हैं, जबकि मांग लगभग समान बनी हुई है। सासनी क्षेत्र के एक दूध उत्पादक किसान रामलाल ने बताया कि गर्मियों में पशु कम चारा खाते हैं और अधिक गर्मी के कारण उनकी दूध देने की क्षमता प्रभावित होती है।
इसके अलावा हरे चारे, भूसे और पशु आहार की लागत भी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सप्ताह में दूध के उत्पादन में कमी आई है, जिससे बाजार में आपूर्ति प्रभावित हुई है। फुटकर विक्रेता बबलू कुमार ने बताया कि डेयरियों और गांवों से पहले की तुलना में कम मात्रा में दूध मिल रहा है, जबकि उपभोक्ताओं की मांग बराबर बनी हुई है। ऐसे में खरीद मूल्य बढ़ने का असर खुदरा बिक्री पर भी पड़ा है और खुले दूध के दाम 65 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।
दूध की कीमतों में वृद्धि का असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ने लगा है। खासकर ऐसे परिवार जिनमें दूध का उपयोग चाय, दही, घी और बच्चों के पोषण के लिए अधिक होता है, उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि यदि गर्मी का असर इसी तरह बना रहा और दुग्ध उत्पादन में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।