हाथरस। कृषि उत्पादन मंडी समिति में धान की बंपर आवक से जगह कम पड़ गई है। शुक्रवार को दो दिन के लिए आवक रोकने की घोषणा के बाद शनिवार को निकासी पर जोर रहा। किसानों के वाहन गेट के बाहर कतारों में खड़े रहे, जबकि व्यापारियों का माल ट्रकों से बाहर भेजा गया।
शुक्रवार देर रात धान लेकर पहुंचे किसानों को मंडी में प्रवेश नहीं मिला तो उन्होंने अपने ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़े कर दिए। रात करीब 11 बजे बातचीत के बाद 20 से 25 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को ही अंदर प्रवेश दिया गया। इसके बाद मुख्य गेट बंद कर दिया गया।
आधी रात के बाद भी किसान पहुंचते रहे। मंडी सचिव अनिल कुमार ने किसानों को समझाकर वाहन किनारे कराए, जिसके बाद व्यापारियों के ट्रक और ट्रॉले अंदर पहुंच सके। धान पंजाब और हरियाणा की राइस मिलों को भेजा गया। मंडी में तीन दिन में करीब 1.45 लाख क्विंटल धान पहुंचा। कुल आवक 4,54,470 क्विंटल हो गई है, जो पिछले साल से करीब 45 हजार क्विंटल अधिक है। शनिवार को पहले से मौजूद धान में से करीब 15 हजार क्विंटल की खरीद हुई, जबकि लगभग 60 हजार क्विंटल माल की निकासी की गई।
हाथ से कटे धान का भाव 4300 रुपये
व्यापारी राजकुमार और योगेश वार्ष्णेय ने बताया कि हाथ से कटे धान का भाव शुक्रवार के 4,250 रुपये से बढ़कर शनिवार को 4,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। कम नमी के कारण इसकी मांग रही। वहीं, कंबाइन से कटे धान का भाव नमी के अनुसार 3,200 से 3,700 रुपये प्रति क्विंटल रहा। नमी वाले धान में कालापन आने की आशंका से व्यापारी पुराना माल निकलने तक नई खरीद से बच रहे हैं।
इंतजार में किसान
जगह की कमी और वाहनों की कतारों के कारण किसानों को धान बेचने के लिए आठ से 10 घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। मंडी सचिव अनिल कुमार ने बताया कि पहले से खरीदे गए धान की निकासी के लिए आवक रोकी गई है। इस साल कंबाइन से कटे धान की अधिक आवक के कारण मंडी में एक साथ बड़ी संख्या में वाहन पहुंच रहे हैं।
धान मंडी के आंकड़े
- 1.45 लाख क्विंटल धान की आवक तीन दिन में
- 4,54,470 क्विंटल पहुंची कुल आवक
- 15 हजार क्विंटल धान की शनिवार को खरीद
- 60 हजार क्विंटल धान की एक दिन में निकासी