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Aligarh News: कंचनपुर में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, 47 बच्चों की जांच की

Tue, 21 Jan 2025 01:12 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि परिजनों ने किसी भी शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है, जिससे उनकी मौत की पुष्टि हो सकी। सावित्री के अचानक पेट में दर्द उठा था, परिजन सांकरा के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर परिजन छर्रा के निजी अस्पताल ले गए, कासगंज ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई थी।
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गांव कंचनपुर में जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम - फोटो : संवाद
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विस्तार
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गांव कंचनपुर में दो माह में चार बेटियों की पेट दर्द से मौत के बाद 20 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची और टीम ने घर-घर जाकर 15 से 18 वर्ष की उम्र के 47 बच्चों की जांच की। 21 जनवरी को भी टीम गांव में जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। नायब तहसीलदार ने भी गांव में पहुंचकर बीमारी के संबंध में जानकारी ली।

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20 जनवरी को नायब तहसीलदार मयंक गोयल, बिजौली सीएचसी अधीक्षक डॉ. नवीन कुमार अपनी टीम के साथ गांव में पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरने वाली लड़कियों के परिवार के सदस्यों की जांच की। इसके बाद टीम ने घर-घर जाकर 15 से 18 वर्ष तक के बच्चों की जांच की और आवश्यकतानुसार बच्चों को दवा दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि परिजनों ने किसी भी शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है, जिससे उनकी मौत की पुष्टि हो सकी। सावित्री के अचानक पेट में दर्द उठा था, परिजन सांकरा के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर परिजन छर्रा के निजी अस्पताल ले गए, कासगंज ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई थी। संजना की अचानक उल्टी के बाद तबीयत खराब हुई थी, परिजन पहले अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल ले गए, वहां से सफदरजंग अस्पताल दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया था। दो दिन उपचार के बाद उसकी मौत हो गई थी।
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स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सुमन को अचानक बुखार आया परिजन सांकरा स्थित किसी अप्रशिक्षित चिकित्सक के पास ले गए थे, जिसने उसे डेंगू बताया। हालत गंभीर होने पर एक निजी अस्पताल में ले गए और वहां आठ दिन वह भर्ती रही। इसके बाद परिजन घर ले आए थे और उसके बाद आठ दिन तक झाड़फूंक कराते रहे। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। ललिता बचपन से दिव्यांग थी और वह बोल नहीं पाती थी और न ही सुन पाती। उसका झोलाछाप से इलाज कराया गया। जांच करने वाली डॉक्टरों की टीम में डॉ वसीम अकरम, डॉ गीतिका, डॉ भुवनेंद्र कुमार, फार्मासिस्ट हरीश कुमार आदि मौजूद रहे।

गांव में किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं पाया गया है, निगरानी कराई जा रही है। 47 बच्चों की जांच की गई, जो सामान्य आई है, किसी भी बच्चे के पेट में दर्द नहीं मिला है। मंगलवार को भी गांव में जांच की जाएगी।-डॉ. नवीन कुमार, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिजौली

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