न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक तरफ कोरोना ने लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है। वहीं जिले में अन्य राज्यों के करीब चार हजार श्रमिक भट्टों पर आशियाने के लिए ईंट तैयार करने में जुटे हैं। इस बार राहत की बात यह रही कि इंडस्ट्रीज का संचालन निरंतर जारी है। इस कारण प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी की राह को भी रोक दिया है।
उल्लेखनीय है कि हाथरस जिले को उद्योग नगरी कहा जाता है। यहां हींग, रंग गुलाल, अचार मुरब्बा, नमकीन, गलीचा, कारपेट, हैंडीक्राफ्ट आदि के उद्योग सांचालित होते हैं। जिले भर में करीब पांच सौ इंडस्ट्रीज हैं। इनमें बड़े पैमाने पर मजदूर कार्य करते हैं।
इस बार कोविड लाइन में सरकार ने इंडस्ट्रीज संचालन की राहत प्रदान की तो श्रमिकों को ज्यादा दिक्कतें नहीं हो रही है। इस बार जिले में कार्य कर रहे प्रवासी श्रमिकों को घर वापसी नहीं की है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी मोहम्मद आजम का कहना है कि इस बार कोविड गाइड लाइन में इंडस्ट्रीज चल रही है। इस कारण श्रमिकों की घर वापसी नहीं हुई है। चार हजार श्रमिक ईट भट्टों पर नियमों का पालन करते हुए कार्य कर रहे हैं।