संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
विधानसभा चुनाव की सरगर्मी चारों तरफ है। हर चौक-चौराहें, नुक्कड़ों व गलियों में लोगों की जुबान पर सिर्फ चुनावी चर्चाएं ही हैं। लोग अपनी-अपनी समस्याओं और प्राथमिकताओं पर खुलकर बात कर रहे हैं। इसी कसौटी पर प्रत्याशियों को परखने की भी कोशिश कर रहे हैं। हर जगह लोग दुकानों पर चाय की चुस्कियों के साथ राजनीतिक चर्चाएं करते दिख जा रहे हैं।
शनिवार को हाथरस रोड स्थित बाह्य न्यायालय परिसर में अधिवक्ता भी चुनावी चर्चा करते में मशगूल दिखे। अधिवक्ता अनिल दीक्षित कहते हैं कि हाईकोर्ट की बेंच का गठन आगरा में होना चाहिए। विधायक ऐसा हो, जो अधिवक्ताओं की समस्या का समाधान करे और अधिवक्ता हित में कार्य करे।
अधिवक्ता सुरेंद्र पाराशर कहते हैं विधायक ऐसा हो जो कि प्राथमिकता के तौर पर एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू कराने की पहल करे और अधिवक्ताओं के दुख सुख में शामिल रहे। दीपक दीक्षित का कहना है कि जनता किसी ऐसे प्रत्याशी को अपना विधायक चुने जो कि न सिर्फ युवाओं के हित में काम करे, बल्कि खेल और शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को पूरा कराए।
अबकी बार किसी ऐसे प्रत्याशी को अपना मत देना है जो अधिवक्ताओं की पुरानी समस्याओं को दूर और मांगों को पूरी कराएगा। चुनावी चर्चा के दौरान मुकेश तिवारी, विवेक सारस्वत, भानुदत्त राजौरिया, वीरेंद्र मित्तल, अनुराग गुप्ता, उत्तम पाराशर, कुंजिल सिंह एडवोकेट, पुष्पेंद्र चौधरी, रवि चौधरी, योगेंद्र चौधरी, सुरेंद्र पाराशर, देवेंद्र राजपूत, सतेंद्र पाराशर, जयपाल सिंह, महेश पाराशर, राजकुमार पाराशर, विशंवर सिंह, नरेंद्र चौधरी, वीरेंद्र चौधरी, अखिलेश चौधरी आदि मौजूद थे।