न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अब कृषि बिल की वापसी के बाद फिर से किराना कारोबार पर कर लगना शुरू हो गया है। मंडी शुल्क फिर लगाने के विरोध में थोक किराना कारोबारियों ने बाजार बंद रखकर प्रदर्शन किया। कारोबारियों का कहना है यदि मंडी शुल्क से व्यापारियों को मुक्त नहीं किया गया तो वह तो रिटेल कारोबारियों को साथ लेकर अनिश्चितकालीन बंद रखेंगे। पहले दिन बाजार बंद होने से एक करोड़ रुपये का टर्नओवर प्रभावित हुआ।
उल्लेखनीय है कि किराना के सामान पर फिर से एक प्रतिशत मंडी शुल्क व आधा प्रतिशत विकास शुल्क लगना शुरू हो गया है। इसके लिए कारोबारियों द्वारा मंडी से लाइसेंस लेने की प्रक्रिया भी की जा रही है। अब तक दो दर्जन से अधिक कारोबारियों ने लाइसेंस भी ले लिए हैं। मंडी शुल्क लगने से किराना कारोबारियों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओ की जेब पर भी पड़ रहा है। शुक्रवार को किराना कारोबारियों ने दुकानें बंद कर मंडी शुल्क को समाप्त करने की मांग की और साथ ही प्रदर्शन किया। कारोबारियों द्वारा रिटेल दुकानदारों से संपर्क किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि मंडी शुल्क समाप्त नहीं हुआ तो शनिवार से रिटेल कारोबारियों के साथ अनिश्चतकालीन बाजार बंद किया जाएगा। शुक्रवार को बाजार बंद होने से एक करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। प्रदर्शन करने वालों में मोहन लाल सराफ, राकेश माहेश्वरी, श्याम बाबू वार्ष्णेय, मनोज अग्रवाल, अरुण कुमार माहेश्वरी अनिल अग्रवाल, पवन अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, गौरव वार्ष्णेय, अनिल वार्ष्णेय, अजय, पदम नारायन अग्रवाल, पंकज खंडेलवाल, जगदीश अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, मनोज वार्ष्णेय, संदीप वार्ष्णेय, योगेश शर्मा, अजय, आकाश वार्ष्णेय आदि थे। संवाद