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हाथरस : कहीं फिजां बिगाड़ने के लिए तो नहीं की गई क्रूर हरकत

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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कहीं फिजां खराब करने के लिए तो दरकई की अस्थायी गोशाला में गोवंश के साथ क्रूर हरकत नहीं की गई। कहीं इसके पीछे कोई सुनियोजित साजित तो नहीं है। चार दिन पहले अलीगढ़ जिले में भी दो जगहों पर इसी तरह गोवंश के अवशेष मिले थे। मौके पर लोग ऐसी ही चर्चाएं करते नजर आए। लोगों को लग रहा था कि कहीं दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ाने के लिए बार-बार ऐसी हरकत तो नहीं की जा रहीं।
वर्ष 2022 में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। यही वजह है कि इस तरह की घटनाओं को लोग सियासी माहौल बदलने की साजिश से भी जोड़कर देख रहे हैं। ऐसे संकेत मौके पर लोगों के बीच हो रही चर्चा से भी मिल रहे हैं, क्योंकि जिस प्रकार दरकई में पशु अवशेष मिले हैं, उसी प्रकार से जनपद के अलीगढ़ के थाना लोधा क्षेत्र के गांव बरोठ छजमल में गोवंश के अवशेष मिले थे।
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इसे लेकर ग्रामीणों की पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई थी। एक दिन पहले अलीगढ़ के ही गोंडा क्षेत्र के गांव मजूपुर की गोशाला में भी एक मई को आठ गोवंश को काटकर फेंक दिया था। इस घटना को लेकर भी वहां के लोगों में तीखा आक्रोश देखने को मिला था। अब इस जिले में दरकई में भी पशु अवशेष मिलने की घटना के बाद लोगों की नाराजगी यही संकेत दे रही है कि इन घटनाओं केे पीछे कहीं न कहीं खुराफातियों की कोई साजिश जरूर है।
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