न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 88 करोड़ रुपये की लागत से आठ सड़कों के सौंदर्यीकरण का इंतजार है। जिले के अधिकारियों द्वारा भेजे जा रहे प्रस्ताव में अड़चन आ रही हैं। इस कारण अभी तक सड़कों के सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं मिल सकी है। लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि जिले के ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग जर्जर हालत में हैं। इस कारण लोगों को काफी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। केंद्र सरकार द्वारा यातायात को सुगम बनाने के लिए हाथरस सहित प्रदेशभर में नई सड़कें बनाने की कार्य योजना तैयार की गई है। प्रदेश में 1,265 किलोमीटर सड़कों के सौंदर्यीकरण के साथ हाथरस की आठ सड़कों का भी कायाकल्प होना है, जिनकी लंबाई करीब 80 किलोमीटर है।
अफसरों ने सड़कों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा। शासन से प्रस्ताव दिल्ली पहुंच गया है। खास बात यह है कि इन सड़कों की देखभाल का जिम्मा 10 साल तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों के पास रहेगा। पांच साल बाद पेचवर्क का काम होगा। उसके बाद यह सड़कें प्रदेश सरकार के सुपुर्द की जाएंगी।
इन सड़कों के सौंदर्यीकरण में आ रही शंकाएं
हाथरस। सादाबाद व सहपऊ क्षेत्र में कुरसंडा मई नौ किलोमीटर, बल्देव मई खंदौली से 14 किलोमीटर, गढ़ी गुमानी से बासवंती 18 किलोमीटर, महरारा होते हुए नवलपुर तक पांच किलोमीटर, बरामई से झगरार तक पांच किलोमीटर, सादाबाद-जलेसर रोड से सुल्तानपुर-लोधई रोड तक पांच किलोमीटर का निर्माण होना है। हाथरस-कैलोरा चौराहा बरवाना मार्ग पर 16 किलोमीटर, सासनी से इगलास मार्ग पर छह किलोमीटर सड़कें बनाई जानी हैं। इन सड़कों के निर्माण में शंकाएं आ रही हैं। इनको दूर किया जा रहा है। पीएमजेएसवाई के एई आरके गौतम का कहना है कि निर्माण में शंकाएं आ रही हैं। उनको दूर किया जा रहा है। करीब 88 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण होगा।