न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
दिल्ली से हाथरस जंक्शन के अपने गांव लौटी वृद्धा के कोरोना की संदिग्ध मरीज होने की जानकारी होने पर ग्रामीणों में खलबली मच गई। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हुई तो उनकी टीम गांव पहुंची। महिला को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। हालांकि सीएमएस ने महिला को कोरोना का संदिग्ध रोगी होने की बात से साफ इंकार किया है।
हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के गांव मोहारी निवासी विरमा देवी पत्नी बाबू सिंह अपने बेटे के पास दिल्ली गई थी। दिल्ली में हुए चुनाव के चलते वृद्धा को लौटने में देरी हो गई। अभी पिछले सप्ताह वह दिल्ली से अपने गांव मोहारी लोटी हैं। यहां आकर वह सर्दी और जुकाम की चपेट में आ गईं। ग्रामीणों द्वारा उनको खांसी बुखार जैसी बीमारियों से ग्रसित देखा गया तो गांव के कुछ लोगों ने उन्हें कोरोना का संदिग्ध रोगी बताते हुए स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे दी गई।
इस बात से गांव के लोगों में डर पैदा हो गया और फिर सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान रंजीत ठाकुर द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद गांव में 108 एंबुलेंस पहुंची और वृद्धा को जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। यहां उसको डॉक्टर ने देखा और उससे पूरी जानकारी ली, जिसके बाद महिला को सर्दी खांसी की परेशानी होने के चलते जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।
गांव में हमारी टीम गई थी। महिला कोरोना की संदिग्ध मरीज नहीं है। वह सामान्य सर्दी, बुखार से पीड़ित है। वहीं महिला के परिवार से न तो कोई विदेश गया और न ही वह किसी विदेश से आने वाले के संपर्क में आईं है, इसलिए महिला कोरोना वायरस से ग्रसित होने का कोई सवाल ही नहीं है।
-डॉ. पवन कुमार, जिला एपीडेमोलॉजिस्ट।
हाथरस जंक्शन के गांव मोहारी की वृद्धा पिछले सप्ताह दिल्ली से आई है। वह सर्दी बुखार से ग्रसित है। कुछ लोगों द्वारा उसे कोरोना का संदिग्ध रोगी बता दिया गया, जबकि यह केवल अफवाह है। हमने वृद्धा की काफी अच्छे से जांच की है। महिला को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है, ताकि उसे सर्दी-खांसी का इलाज दिया जा सके।
-डॉ.आईवी सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल।