न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक तरफ बिजली महकमे पर बेहतर आपूर्ति देने का दबाव है तो दूसरी तरफ बिजलीघरों पर लगे उपकरण उसके प्रयासों को धक्का पहुंचा रहे हैं। तीन बिजलीघरों पर लगी वीसीबी की रिले सही से काम नहीं कर रही हैं। इस कारण दो दर्जन से अधिक गांवों को लोगों को बिजली संकट झेलना पड़ रहा है। अधीक्षण अभियंता ने कार्यदायी संस्था पर जुर्माना लगाने की संस्तुति की है।
उल्लेखनीय है गांवों में नलकूप व घरेलू बिजली की लाइनों को अलग करने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। कोरोना काल में कुछ गांवों में काम रह गया है। इस कंपनी द्वारा लाइनों को दुरुस्त करने के साथ सब स्टेशनों पर लगी वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) भी लगाए गए हैं। जिले के बरवाना, नानऊ, गीगला सबस्टेशन पर वीसीबी की रिले काम नहीं कर रही हैं। इस कारण पहाड़पुर, मितनपुर, नगला जायस, महौ, धौरपुर और शेखूपुर सहित दो दर्जन गांवों में लोगों को बिजली संकट झेलना पड़ रहा है।
लाइन में फाल्ट होता है तो मशीन भी ट्रिप नहीं कर रही है। इस कारण बिजली अधिकारियों को दुर्घटना का डर सताता रहता है। कार्यदायी संस्था का कोई कर्मी भी इनकी देखरेख के लिए नहीं है। इसे गंभीरता से लेते हुए अधीक्षण अभियंता हरीमोहन ने गीगला व नानऊ बिजलीघर में वीसीबी की खराब रिले के लिए कंपनी पर जुर्माना लगाने की संस्तुति एमडी ऑफिस से की है। अधीक्षण अभियंता हरीमोहन का कहना है कि बरवाना, नानऊ, गीगला पर जो वीसीबी लगी हैं, उनकी रिले काम नहीं कर रही हैं।