हाथरस: मंडी समिति में लगा धान का ढेर।
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चावल बनाने की यूनिट लगाने पर मंडी शुल्क में मिलेगी पांच साल तक छूट
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने उठाया कदम, निर्यात में मिलेगी दो फीसदी की छूट
गौरव भारद्वाज
हाथरस। धान से चावल बनाने की यूनिट लगाने पर मंडी शुल्क में पांच साल तक छूट मिलेगी। हालांकि विकास शुल्क लिया जाएगा। निर्यात पर भी मंडी सचिव के सत्यापन के बाद दो प्रतिशत की छूट मिलेगी। जिले में धान का काफी उत्पादन होता है। यहां का धान दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के लिए जाता है। अक्तूबर माह में मंडी समिति में दो लाख 49 हजार कुंतल धान आया।
अब सरकार द्वारा उद्योग को बढ़ावा और रोजगार देने वालों को सरकार द्वारा टैक्स में छूट दी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक धान से चावल बनाने की यदि कोई यूनिट उद्यमी लगाता है तो उसे मंडी द्वारा पांच साल तक बिना मंडी शुल्क के धान प्रदान किया जाएगा। यदि धान से चावल बनाकर कहीं निर्यात किया जाएगा तो उसे निर्यात पर भी छूट दी जाएगी। जिस मंडी में जा रहा है, उस मंडी के सचिव सत्यापन के बाद रिपोर्ट हाथरस मंडी को भेजेंगे। उसे निर्यात पर भी दो प्रतिशत की छूट मिलेगी।
इस मामले में मंडी सचिव यशपाल सिंह का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति धान से चावल बनाने की नई यूनिट लगाता है तो उसे बिना मंडी शुल्क के धान प्रदान किया जाएगा। हालांकि आधा प्रतिशत विकास सेस लिया जाएगा। जिले में अभी एक यूनिट सासनी में लगी है। जिसे 26 हजार सात सौ कुंतल धान दिया गया है।