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हाथरस : किशोरी से छेड़खानी करने वाले चाचा को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा

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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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घर में घुसकर भतीजी से अश्लील हरकत करने वाले चाचा को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियिम प्रतिभा सक्सेना ने सात वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना सासनी क्षेत्र के एक गांव की महिला छह जून 2014 को रात्रि घर पर अपनी 14 वर्षीय पुत्री व पुत्र को छोड़कर बाहर गई हुई थी। इसी दौरान पीछे से उसका देवर घर में घुस गया और किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने लगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार चाचा अपनी भतीजी से यह तक कहने लगा कि वह इस लड़के के साथ भाग जाए।
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तभी उसकी मां वापस आई और देखा कि घर में उसकी बेटी के साथ उसका देवर अश्लील हरकत कर रहा है। विरोध करने पर उसने मां-बेटी व बेटे के साथ मारपीट की। इस मामले में थाना सासनी में आरोपी चाचा, उसकी मां व एक अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचक ने आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रतिभा सक्सेना के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त को दोषी माना।
न्यायालय ने उसे सात वर्ष के कठोर कारावास एवं 21 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अधिरोपित अर्थदंड की धनराशि प्रकरण की पीड़िता को नियमानुसार पहचान सुनिश्चित करके प्रदान की जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी केके शर्मा ने की।
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तो बेटियां परिवार में सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी - कोर्ट
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम प्रतिभा सक्सेना ने अपने आदेश में यह टिप्पणी की कि अभियुक्त का अपराध समाज विरोधी कृत्य है। यदि समाज में अवयस्क बालिकाओं के साथ किए जाने वाले अपराधों में उदारता का दृष्टिकोण अपनाया गया तो इससे समाज में अराजकता एवं असुरक्षा की भावना उत्पन्न होगी। अवयस्क बालिकाओं को उनके घर में, अपने ही सगे संबंधियों से यदि यौन अपराध अथवा लज्जा भंग का खतरा उत्पन्न हुआ तो बेटियां परिवार में ही सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी।
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