फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस: 14 को करेंगे राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार

विज्ञापन
हाथरस: बार रूम में पत्रकारों से वार्ता करते अधिवक्ता। - फोटो : HATHRAS
विज्ञापन
14 को करेंगे राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार
विज्ञापन

मुरसान थाने को सादाबाद कोर्ट से लिंक किए जाने के विरोध में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसियेशन ने किया ऐलान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत सारस्वत एडवोकेट और अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने मुरसान थाने को सादाबाद कोर्ट से लिंक किए जाने के विरोध में 14 दिसंबर को लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बहिष्कार की घोषणा की है। आंदोलित अधिवक्ताओं ने कहा है कि मुरसान क्षेत्र की जनता भी इस आंदोलन में उनके साथ है। ऐसे में आंदोलन को और ज्यादा तीव्र गति से चलाया जाएगा। यह अधिवक्ता यहां बार रूम में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
आंदोलन के प्रभारी जालिम सिंह ने कहा कि जिला मुख्यालय की मुरसान से दूरी महज चार किमी है। मुरसान खुद हाथरस तहसील का हिस्सा है। हाथरस जिले के सृजन से पहले से ही मुरसान थाने का क्षेत्राधिकार हाथरस मुख्यालय पर रहा है। इस थाना क्षेत्र के आपराधिक सिविल और राजस्व विवादों का क्षेत्राधिकार आज भी जनपद न्यायालय में है। विडंबना है कि 107-116-151-133-145-146 सीआरपीसी और अन्य राजस्व विवादों के संबंध में वादकारी को हाथरस मुख्यालय आना होगा, जबकि मात्र फौजदारी में वादकारी को दूरस्थ स्थित सादाबाद बाह्य न्यायालय जाना होगा। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट इस मामले पर स्वत: संज्ञान ले।
विज्ञापन

हरीश कुमार शर्मा एडवोकेट ने कहा कि यह लड़ाई अकेले हाथरस के वकीलों की लड़ाई नहीं है। इसमें मुरसान की जनता भी उनके साथ है। उन्होंने कहा कि जनपद न्यायालय का प्रस्तावित निर्माणाधीन परिसर मुरसान थाना क्षेत्र में लगता है। कलेक्ट्रेट भी मुरसान थाने में है। मुरसान थाने की आउटपोस्ट जिला मुख्यालय पर है। उन्होंने कहा कि शासनादेश के विपरीत भ्रामक आख्या के आधार पर थाना मुरसान को सादाबाद बाह्य न्यायालय से अंतरित किया गया है। इस मौके पर मुन्ना सिंह पुंढीर एडवोकेट ने कहा कि एक तरफ को जनता को सस्ता और सुलभ न्याय देने की बात कही जा रही है, वहीं मुरसान के लोगों को अब सादाबाद कोर्ट जाना होगा, जिससे उनका काफी समय और पैसा बर्बाद होगा।
विज्ञापन

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत सारस्वत, सचिव अरविंद वशिष्ठ व अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि एसोसिएशन के बैनर तले यह आंदोलन किया जा रहा है। जब तक मुरसान थाने को सादाबाद कोर्ट से लिंक करने का आदेश वापस नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अध्यक्ष ने कहा कि यही नहीं 14 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिवक्ता बहिष्कार करेंगे। वादकारियों को कोर्ट में घुसने नहीं दिया जाएगा। इस मौके पर सचिव अरविंद वशिष्ठ, सीपी शर्मा, हितेंद्र सिंह गुड्डू,संजय दीक्षित, दिगंबर सिंह सिसौदिया, रवेंद्र सिंह, विपिन पाल, नवदीप पाठक, चंद्रपाल सिंह, नरेंद्र कुमार शर्मा आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें