न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
समायोजन के खिलाफ न्यायालय गए शिक्षक-शिक्षिकाओं को राहत नहीं मिली है। पिछले दिनों 28 शिक्षक-शिक्षिकाओं को बीएसए ने निलंबन कर दिया था। अब तीन और शिक्षकों को भी निलंबित किया गया है।
अगस्त 2019 में सरप्लस शिक्षकों का बीएसए ने बंद व आवश्यकता वाले स्कूलों में समायोजन किया था, लेकिन 31 शिक्षक-शिक्षिका समायोजन आदेश के खिलाफ कोर्ट चले गए। इनको कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली। इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने से पूर्व 14 सितंबर 2020 को समायोजित विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के लिए युक्तियुक्त अवसर देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन शिक्षकों ने न तो समायोजित विद्यालय में कार्यभार ग्रहण किया और न ही कारण बताओ नोटिस का तर्कसंगत/साक्ष्यमय पक्ष प्रस्तुत किया।
शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा बार-बार नियुक्तिकर्ता अधिकारी के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया, जोकि शासनादेश व शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुपालन में सक्षम जनपद स्तरीय समिति के अनुमोदन से निर्गत किया गया था। 21 दिसंबर 2020 को उपलब्ध कराई गई आख्या में अवगत कराया है कि इनके द्वारा अद्यतन समायोजित विद्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इसे लेकर पिछले दिनों बीएसए ने 28 शिक्षक-शिक्षिकाओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की थी।
अब तीन और शिक्षक-शिक्षिकाओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। इनमें सुनीता गौतम उच्च प्राथमिक विद्यालय गिजरौली विकास खंड हाथरस, जितेंद्र कुमार भारती सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय बसई हसायन और डौली चौधरी सहायक अध्यापिका उच्च प्राथमिक विद्यालय सोखना हाथरस का नाम शामिल है। बीएसए मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि सरप्लस वाले तीन शिक्षकों द्वारा समायोजित स्कूलों में कार्यभार ग्रहण न करने पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।