न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विश्व एड्स दिवस के मौके पर कई स्थानों पर कार्यक्रम हुए। लोगों को एड्स से बचाव के तरीके बताए गए। एड्स दिवस के अवसर पर जनपद न्यायालय, हाथरस में एक विचार गोष्ठी का आयोजन सुशील कुमार सिंह, सिविल जज(वप्र)/प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस) की अध्यक्षता में किया गया। गोष्ठी में उपस्थित व्यक्तियों को एचआईवी/एड्स के बारे में जानकारी दी गई।
प्रभारी सचिव सुशील कुमार सिंह ने बताया कि एचआईवी/एड्स अधिनियम 2017, एचआईवी और एड्स के मरीजों के लिए 10 सितंबर नया सवेरा लेकर आया। एड्स के शिकार मरीज अब शान से अपनी जिंदगी जी सकेंगे। उनके साथ भेदभाव करने वाले लोगों को कड़ी सजा मिलेगी। सजा के साथ जुर्माना भी देना होगा। राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी द्वारा विश्व एड्स दिवस के मौके पर एड्स के बचाव के प्रसार एवं प्रचार हेतु सीएमओ डॉ. ब्रजेश राठौर की अध्यक्षता व जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डा. अनिल सागर वशिष्ठ, के निर्देश में के चार चिहिन्त स्थानों जिला महिला चिकित्सालय, कांशीराम आवास परिसर, साहनी नर्सिंग होम, प्रेमरघु हॉस्पीटल पर स्टॉल लगाकर लोगों को एड्स के बारे में जागरूक किया।
डॉ. वशिष्ठ ने कहा यह जानलेवा बीमारी है। इसकी सम्पूर्ण जानकारी ही उसका बचाव है। एचआईवी का संक्रमण रक्त का चढ़ाया जाना, असुरक्षित यौन संबंध, एक निडिल का कई बार प्रयोग किया जाना आदि से फैलता है। इस अवसर पर ममता, टीआई ग्रुप, पीपीटीसीटी, एनटीईपी हाथरस के सभी कर्मचारी मौजूद थे। नेहरू युवा मंडल अध्यक्ष, भोपतपुर द्वारा एड्स दिवस पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर कुलदीप परमार ने बताया कि एचआईवी संक्रमण की सबसे बड़ी वजह सिरिंज शेयरिंग बन रहा है। युवाओं का एक बड़ा वर्ग नशे की चपेट में है। दर्द निवारक, हार्ट और किडनी जैसी बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन लोग नशे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। इस मौके पर संजय परमार, अजय परमार, मोहित, नीतेश, यशपाल, अनुज, मनोज आदि मौजूद रहे